मौसम की मार से बचाएगी फसल बीमा योजना, जानिए क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया और फायदे
18 जून 2026, जयपुर: मौसम की मार से बचाएगी फसल बीमा योजना, जानिए क्लेम करने की पूरी प्रक्रिया और फायदे – राजस्थान की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मौसम पर निर्भर है। राज्य के लाखों किसान हर वर्ष खरीफ और रबी सीजन में फसलों की बुवाई कर अपनी आजीविका चलाते हैं, लेकिन सूखा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, तेज आंधी, कीट एवं रोग जैसी प्राकृतिक आपदाएं कई बार उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। ऐसे में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में सामने आई है। यह योजना फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके जोखिम को कम करने का काम कर रही है।
प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर मिलती है सहायता
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसलों को होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है। यदि किसी क्षेत्र में खरीफ सीजन के दौरान 75 प्रतिशत से अधिक बुवाई प्रभावित होती है या बुवाई असफल रहती है, तो प्रभावित किसानों को बीमित राशि का 25 प्रतिशत तक अग्रिम बीमा दावा दिया जा सकता है।
वहीं बुवाई से लेकर कटाई तक की अवधि में सूखा, बाढ़, जलभराव, रोग, कीट प्रकोप या अन्य प्राकृतिक कारणों से फसल को नुकसान होने पर फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर वास्तविक उपज का आकलन किया जाता है। यदि वास्तविक उपज निर्धारित गारंटी उपज से कम पाई जाती है, तो किसानों को नुकसान के अनुपात में बीमा क्लेम दिया जाता है।
कटाई के बाद होने वाले नुकसान को भी मिलता है कवर
योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को भी सुरक्षा प्रदान की जाती है। यदि कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों के भीतर ओलावृष्टि, गैर-मौसमी वर्षा या चक्रवाती वर्षा के कारण फसल को नुकसान होता है, तो किसान बीमा दावा कर सकते हैं।
इसके लिए किसानों को नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर संबंधित माध्यमों से देनी होती है। समय पर सूचना देने पर बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारी संयुक्त सर्वे कर नुकसान का आकलन करते हैं और पात्र किसानों को बीमा दावा राशि प्रदान की जाती है।
फसल नुकसान होने पर ऐसे करें क्लेम
फसल नुकसान होने की स्थिति में किसान निम्न माध्यमों से सूचना दर्ज करा सकते हैं—
- कृषि रक्षक पोर्टल
- टोल फ्री नंबर 14447
- क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप
- संबंधित कृषि विभाग कार्यालय
- संबंधित बीमा कंपनी
सूचना दर्ज कराने के बाद संयुक्त सर्वेक्षण के आधार पर नुकसान का सत्यापन किया जाता है और पात्रता के अनुसार क्लेम का भुगतान किया जाता है।
खरीफ और रबी सीजन में कब तक कर सकते हैं आवेदन
राजस्थान में बड़ी संख्या में किसान खरीफ और रबी दोनों सीजन में इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि फसल सीजन के अनुसार निर्धारित की जाती है।
- खरीफ सीजन: 31 जुलाई तक
- रबी सीजन: 31 दिसंबर तक
किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फसलों का बीमा करवाना आवश्यक होता है, तभी वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसान उठा सकते हैं लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ ऋणी और गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसान ले सकते हैं। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक के माध्यम से किया जाता है। वहीं गैर-ऋणी किसान ई-मित्र केंद्र, बैंक या राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (NCIP) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
डिजिटल प्रक्रिया के कारण आवेदन और दावा प्रणाली पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी हुई है, जिससे किसानों को सुविधा मिल रही है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना
विशेषज्ञों के अनुसार कृषि क्षेत्र में बढ़ते जलवायु जोखिमों के बीच फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाती है। फसल नुकसान की स्थिति में मिलने वाली सहायता किसानों को दोबारा खेती करने में मदद करती है और आर्थिक संकट से बचाती है।
राजस्थान सरकार और कृषि विभाग भी गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
समय पर बीमा और सूचना देना जरूरी
कृषि विभाग का कहना है कि किसान समय पर अपनी फसलों का बीमा करवाएं और यदि किसी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल को नुकसान होता है तो निर्धारित समय सीमा के भीतर उसकी सूचना अवश्य दें। इससे उन्हें बीमा दावा प्राप्त करने में आसानी होगी और नुकसान की भरपाई भी समय पर हो सकेगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आज किसानों की मेहनत, उम्मीदों और भविष्य को सुरक्षा प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण योजना बन चुकी है। बदलते मौसम और बढ़ते कृषि जोखिमों के दौर में यह योजना किसानों के लिए आर्थिक संबल और भरोसे का मजबूत आधार साबित हो रही है
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