Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

अल्प वर्षा की आशंका: CM मोहन यादव की किसानों से अपील, कम पानी वाली फसलों और प्राकृतिक खेती को अपनाएं

06 जुलाई 2026, भोपाल: अल्प वर्षा की आशंका: CM मोहन यादव की किसानों से अपील, कम पानी वाली फसलों और प्राकृतिक खेती को अपनाएं – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में इस वर्ष अल्प वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ ऐसी फसलों को प्राथमिकता दें, जिन्हें कम पानी की जरूरत होती है और जो कम समय में बेहतर उत्पादन देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में बड़ा स्कोप है और यह किसानों के लिए अधिक मुनाफे का विकल्प भी बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर रही है। कृषि, उद्यानिकी और संबंधित विभागों के माध्यम से जिलेवार लगातार समीक्षा की जा रही है और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई पर दिया जोर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जल संरक्षण और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से खेतों में उपलब्ध नमी को संरक्षित करने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

उन्होंने किसानों से कहा कि कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग द्वारा जारी तकनीकी सलाह का पालन करते हुए मौसम और परिस्थितियों के अनुसार फसलों का चयन करें।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

श्रीअन्न और कम पानी वाली फसलों की खेती बढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों से श्रीअन्न (मोटा अनाज) की खेती का रकबा बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कोदो, कुटकी, रागी, ज्वार, बाजरा सहित अन्य कम पानी में तैयार होने वाली फसलें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच बेहतर विकल्प हैं।

इन फसलों में कम लागत आती है, पोषण अधिक मिलता है और किसानों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार श्रीअन्न के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को लगातार बढ़ावा दे रही है।

वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगा उत्पादन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाकर ही उत्पादन और किसानों की आय को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश के किसान अपने अनुभव, मेहनत और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करने में सक्षम हैं।

सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, कृषि आदान उपलब्ध कराने और परिस्थितियों के अनुसार हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी भी किसान को कठिनाई का सामना न करना पड़े, कृषि उत्पादन प्रभावित न हो और किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और अन्नदाता प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को प्रदेश में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है।

किसानों को मौसम की जानकारी से किया जा रहा जागरूक

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों तक मानसून और बारिश से जुड़ी ताजा जानकारी पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया आधारित मैसेजिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। कम बारिश की स्थिति में किसानों को बीज उपचार, बुवाई की तकनीक और कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों जैसे बाजरा, ज्वार, उड़द, मूंग, अरहर और कोदो-कुटकी की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

इसके अलावा किसानों के मोबाइल पर मौसम पूर्वानुमान और खेती से जुड़ी तकनीकी सलाह वाले संदेश भी भेजे जा रहे हैं, ताकि वे समय पर सही निर्णय लेकर अपनी फसल और उत्पादन को सुरक्षित रख सकें।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture