Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

चित्तौड़गढ़: उर्वरक कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित, 7 प्रतिष्ठानों को नोटिस

28 मई 2026, चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़: उर्वरक कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित, 7 प्रतिष्ठानों को नोटिस – राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा यूरिया की कालाबाजारी एवं जमाखोरी रोकने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत बुधवार को विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की गई।

सहायक निदेशक कृषि द्वारा मैसर्स किसान जीएसएस अकोला के विक्रय परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान पर मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं पाई गई तथा स्टॉक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप में संधारित नहीं मिला। साथ ही स्टॉक रजिस्टर प्राधिकृत अधिकारी से प्रमाणित नहीं होने, विक्रय किए गए उर्वरकों का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से संधारित नहीं होने एवं मौके पर उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाए जाने पर कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार जाटोलिया द्वारा उर्वरक अनुज्ञापत्र निलंबन की अनुशंसा की गई।

अनुशंसा के आधार पर संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. शंकर लाल जाट द्वारा मैसर्स किसान जीएसएस कोटला का उर्वरक अनुज्ञापत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

इसी क्रम में अंशु चौधरी, सहायक निदेशक कृषि, गोपाल लाल शर्मा कृषि अधिकारी (प्रशिक्षण) एवं डॉ. शिवांगी जोशी कृषि अधिकारी (फसल) द्वारा मैसर्स श्रीराम फर्टिलाइजर्स, ग्राम सेवा सहकारी समिति, हर्षित फर्टिलाइजर्स एवं श्री खाटू श्याम खाद बीज भंडार घटियावली का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की पालना में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई

इसके अतिरिक्त सहायक निदेशक कृषि रामजस खटीक एवं कृषि अधिकारी प्रशांत कुमार जाटोलिया द्वारा श्रीजी कृषि सेवा केन्द्र ताणा, आसापुरा कृषि सेवा केन्द्र ताणा एवं पूजा बीज भंडार ताणा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की पालना में कमियां पाए जाने पर इन प्रतिष्ठानों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

निरीक्षण के दौरान गोविंद लाल शर्मा सहायक कृषि अधिकारी एवं कृषि पर्यवेक्षक पुष्कर जाट, विष्णु मेनारिया तथा राधेश्याम वैष्णव उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने जिले के समस्त आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे नियमानुसार ही उर्वरकों एवं अन्य कृषि आदानों का विक्रय करें, प्रत्येक कृषक को अनिवार्य रूप से बिल उपलब्ध करवाएं तथा सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज नियमानुसार संधारित रखें।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture