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राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़: आईजीकेवी और उज्बेकिस्तान मिलकर बढ़ाएंगे कृषि अनुसंधान, 21 अगस्त को रायपुर में होगी अहम बैठक

16 अगस्त 2025, रायपुर: छत्तीसगढ़: आईजीकेवी और उज्बेकिस्तान मिलकर बढ़ाएंगे कृषि अनुसंधान, 21 अगस्त को रायपुर में होगी अहम बैठक – इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर और डेनाऊ इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरप्रेन्योरशिप एंड पेडागॉजी, उज्बेकिस्तान के बीच हुए शिक्षा और अनुसंधान सहयोग समझौते के तहत डेनाऊ संस्थान का एक 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 21 अगस्त 2025 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर का दौरा करेगा। इस दौरे का उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा करना है।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डेनाऊ इंस्टिट्यूट के रेक्टर डॉ. आयेबेक रोजिव करेंगे। यह टीम विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, अनुसंधान और भौतिक सुविधाओं का अवलोकन करेगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण एवं विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर विचार होगा।

शिक्षा और अनुसंधान के लिए हुआ था समझौता

गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2025 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और डेनाऊ इंस्टिट्यूट के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत दोनों संस्थानों के छात्र स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी (शोध) स्तर पर एक-दूसरे के विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर सकेंगे। साथ ही, दोनों ओर के वैज्ञानिक और प्राध्यापक भी आपसी समन्वय से अध्ययन और अनुसंधान के लिए आदान-प्रदान करेंगे।

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इस समझौते पर रायपुर की ओर से कुलपति डॉ. चंदेल और उज्बेकिस्तान की ओर से रेक्टर डॉ. रोजिव ने हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण और विज्ञान के अन्य क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक साझा मंच तैयार किया जा रहा है।

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इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दोनों संस्थानों के अधिकारी और वैज्ञानिक एक-दूसरे के संस्थानों का दौरा कर वहां की सुविधाओं और अनुसंधान के माहौल को समझेंगे। 21 अगस्त को उज्बेकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल रायपुर परिसर का दौरा करेगा, जिसमें वे विश्वविद्यालय के परिवेश, संसाधनों और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेंगे। इन्हीं जानकारियों के आधार पर आगे की योजनाएं तैयार की जाएंगी। इस दौरान यह भी तय किया जाएगा कि कौन-कौन से विषयों पर और किन क्षेत्रों में मिलकर शिक्षा एवं अनुसंधान किया जा सकता है।

ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र में होगी गहराई से चर्चा

इस अवसर पर विश्वविद्यालय में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र आयोजित किया जाएगा जिसमें उज्बेकिस्तान से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी, वैज्ञानिक और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के उपमहानिदेशक डॉ. आर.के. अग्रवाल शामिल होंगे।

इस परिचर्चा में कृषि शिक्षा में सुधार, शैक्षणिक नवाचार, उज्बेकिस्तान में मौजूद अध्ययन अवसर, और अनुसंधान के नए क्षेत्रों पर विचार-विमर्श होगा। सत्र को कुलपति डॉ. चंदेल और रेक्टर डॉ. रोजिव संबोधित करेंगे।

अनुसंधान के विस्तृत विषयों पर होगा मंथन

परिचर्चा के दौरान शिक्षा से जुड़े मुद्दों के अलावा अनुसंधान के विभिन्न विषयों जैसे – सब्जी फसलें, तिलहन, रेशेदार फसलें, मछली पालन, वानिकी, कृषि रसायन, पौध संरक्षण, कृषि व्यवसाय, उद्यमिता और खाद्य प्रसंस्करण आदि पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल रायपुर विश्वविद्यालय में विभिन्न संस्थानों में चल रही गतिविधियों और सुविधाओं का भी अवलोकन करेगा, जिससे समझौते को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

समझौते के अगले चरण में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधिकारी और वैज्ञानिक उज्बेकिस्तान स्थित डेनाऊ इंस्टिट्यूट का दौरा करेंगे। यह दौरा दोनों संस्थानों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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