राज्य कृषि समाचार (State News)

केरल के धान किसानों के लिए केंद्र ने जारी किए 209 करोड़ रुपये, लंबित MSP भुगतान होगा पूरा

16 सितंबर 2026, तिरुवनंतपुरम: केरल के धान किसानों के लिए केंद्र ने जारी किए 209 करोड़ रुपये, लंबित MSP भुगतान होगा पूरा – केरल के धान किसानों के लंबित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) भुगतान को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने 209 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि खरीद सीजन 2025-26 की दूसरी फसल के धान से जुड़े बकाया भुगतान के लिए है।

यह राशि उन सभी किसानों को कवर करेगी जिनके पैडी रिसीप्ट शीट (PRS) 31 जुलाई 2026 तक जारी हो चुके थे। यानी जिन किसानों ने तय समय सीमा के भीतर अपनी फसल सरकारी एजेंसियों को बेची थी, उन सभी का भुगतान अब जल्द पूरा किया जाएगा।

केरल में धान की खेती मुख्य रूप से दो सीजन में होती है, जिन्हें पहली फसल (वर्चा) और दूसरी फसल (मुंडकन) कहा जाता है। राज्य के कुट्टनाड, पालक्कड़ और अलपुझा जैसे धान बेल्ट में हजारों छोटे और मझोले किसान इसी MSP खरीद व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं, इसलिए भुगतान में देरी का असर सीधे उनकी रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ता है।

केरल के ज्यादातर धान किसान छोटी जोत वाले हैं और उनके पास फसल बेचने के बाद अगली बुवाई तक इंतजार करने की बहुत सीमित गुंजाइश होती है। ऐसे में MSP भुगतान में हर महीने की देरी किसान परिवार के घरेलू बजट के साथ-साथ अगली फसल के लिए बीज और खाद जुटाने की योजना को भी प्रभावित करती है।

राज्य ने पहले ही जारी की थी प्रोत्साहन राशि

केरल के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने कहा, “राज्य की प्रोत्साहन राशि पहले ही सप्लाईको को जारी की जा चुकी है। अब केंद्र से मिली राशि से किसानों को धान का लंबित भुगतान किया जा सकेगा।”

राज्य सरकार सप्लाईको के माध्यम से किसानों से धान की खरीद करती है और राज्य की ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी देती है, जो केंद्र के तय MSP से ऊपर किसानों को मिलती है। केंद्र और राज्य दोनों के हिस्से मिलकर किसानों को पूरा भुगतान सुनिश्चित करते हैं, इसलिए दोनों तरफ से राशि समय पर जारी होना जरूरी माना जाता है।

धान खरीद के बाद सप्लाईको स्थानीय स्तर पर पैडी रिसीप्ट शीट जारी करती है, जो किसान के भुगतान का आधार बनती है। जब तक केंद्र और राज्य, दोनों की राशि खाते में न पहुंचे, तब तक किसान को उसका पूरा हक नहीं मिल पाता, इसलिए हर सीजन में यह दोहरी प्रक्रिया समय पर पूरी होना जरूरी माना जाता है।

सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि

केंद्र से मिली यह राशि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और केनरा बैंक के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को समय पर भुगतान मिल सकेगा, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था लागू होने के बाद से किसानों को अपने भुगतान की स्थिति बैंक पासबुक या मोबाइल एसएमएस के जरिए आसानी से पता चल जाती है, जिससे पहले की तुलना में पारदर्शिता बढ़ी है। मंत्री अनूप जैकब के मुताबिक केंद्र की राशि मिलने के बाद अब लंबित मामलों का निपटारा जल्द होने की उम्मीद है।

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