राज्य कृषि समाचार (State News)

बुरहानपुर के केले को मिला GI टैग, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और वैश्विक पहचान

28 जून 2026, बुरहानपुर: बुरहानपुर के केले को मिला GI टैग, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम और वैश्विक पहचान – मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। जिले के प्रसिद्ध केले को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) टैग मिल गया है। इस उपलब्धि से बुरहानपुर के केले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान मिलेगी। साथ ही हजारों किसानों, व्यापारियों और कृषि आधारित उद्योगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग मिलने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे।

60 साल से हो रही केले की खेती

बुरहानपुर में केले की खेती का इतिहास करीब 1960 से जुड़ा हुआ है। जिले की उपजाऊ भूमि, अनुकूल जलवायु और विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां उत्पादित केला अपने विशिष्ट स्वाद, आकर्षक रंग और बेहतर गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि बुरहानपुर का केला देश के कई राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना चुका है।

18 हजार से ज्यादा किसान कर रहे केले की खेती

वर्तमान में जिले के लगभग 18,640 किसान केले की खेती से जुड़े हुए हैं। जिले में करीब 26,120 हेक्टेयर क्षेत्र में केले की खेती की जा रही है, जिससे हर वर्ष लगभग 18,28,400 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। बेहतर गुणवत्ता के कारण बुरहानपुर के केले की मांग लगातार बढ़ रही है।

GI टैग मिलने से किसानों को होंगे कई बड़े फायदे

जीआई टैग मिलने के बाद बुरहानपुर के केले को एक विशिष्ट ब्रांड पहचान मिलेगी। इससे किसानों और व्यापारियों को कई स्तरों पर लाभ मिलेगा।

  • किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • बुरहानपुर के केले की ब्रांड वैल्यू राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत होगी।
  • नकली या अन्य क्षेत्रों के केले को बुरहानपुर के नाम से बेचने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
  • निर्यात के नए अवसर विकसित होंगे।
  • कृषि आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

केला प्रोसेसिंग उद्योग को भी मिलेगा बढ़ावा

जिला प्रशासन के अनुसार, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत बुरहानपुर में 55 से अधिक केला प्रोसेसिंग इकाइयों की स्थापना की जा चुकी है। इन इकाइयों में केले से चिप्स, पाउडर, प्यूरी और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

जीआई टैग मिलने के बाद इन उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय उद्योगों को भी नई गति मिलेगी और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा।

कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

बुरहानपुर के केले को जीआई टैग मिलना जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह सम्मान किसानों की वर्षों की मेहनत, जनप्रतिनिधियों के सहयोग और प्रशासन के लगातार प्रयासों का परिणाम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जीआई टैग केवल एक पहचान नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने और स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में इससे बुरहानपुर का केला अंतरराष्ट्रीय बाजार में और अधिक मजबूती से अपनी पहचान बना सकेगा तथा जिले के हजारों किसानों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

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