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राज्य कृषि समाचार (State News)

बीकानेर: गुलाबी सुंडी से बचाव के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, किसानों को मिली प्रैक्टिकल जानकारी  

08 अप्रैल 2026, बीकानेर: बीकानेर: गुलाबी सुंडी से बचाव के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, किसानों को मिली प्रैक्टिकल जानकारी –  राजस्थान  सरकार के निर्देशानुसार बीटी कपास में लगने वाले गुलाबी सुंडी रोग से बचाव और नियंत्रण के लिए मंगलवार को जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यशाला आत्मा सभागार, कृषि भवन बीकानेर में आयोजित की गई, जिसमें कृषि अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों, जीनिंग मिल मालिकों, कृषि आदान विक्रेता और बीटी कॉटन उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को गुलाबी सुण्डी कीट के प्रबंधन और फसल सुरक्षा के प्रभावी उपायों से अवगत कराना था। प्रशिक्षण में किसानों को प्रैक्टिकल डेमो के माध्यम से कीट निगरानी, नियंत्रण और फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी दी गई, ताकि बीटी कपास की पैदावार में वृद्धि के साथ कीट नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यशाला में कपास की फसल में गुलाबी सुण्डी का प्रभावी प्रबंधन और नियंत्रण के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बीटी कपास की लकड़ियों और फसल अवशेषों के सही निपटान, फेरी विन्यास, फेरोमोन ट्रैप और कीटनाशक उपयोग के व्यावहारिक निर्देश प्रदान किए गए।

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विशेषज्ञों ने दी सलाह

कार्यक्रम में कृषि विश्वविद्यालय के कीट विशेषज्ञों ने बीटी कपास में कीट व्याधि नियंत्रण, सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन के वैज्ञानिक उपायों पर प्रकाश डाला। परियोजना निदेशक (आत्मा) बीएल डाबला ने बीटी कपास की पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज से किसानों को अवगत कराया।

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किसानों को मिली प्रैक्टिकल जानकारी

किसानों को निःशुल्क पम्पलैट, साहित्य और फेरोमोन ट्रैप वितरण किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि भंडारित कपास को ढक कर रखने से कीट के प्रकोप को प्रारंभिक अवस्था में ही रोका जा सकता है। जिनिंग मिल मालिकों को भी अवशेष सामग्री नष्ट करने के सही तरीके बताए गए।

कार्यशाला में सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने कार्यक्रम का संचालन किया। संयुक्त निदेशक (कृषि) मदनलाल, कृषि अधिकारी रामनिवास गोदारा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी कॉटन जिनिंग मिल मालिक और बीटी कपास उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया।

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