बैतूल : कम वर्षा की स्थिति में फसल परिवर्तन और सूखा प्रबंधन के लिए किया जा रहा जागरूक
15 अक्टूबर 2026, बैतूल: बैतूल : कम वर्षा की स्थिति में फसल परिवर्तन और सूखा प्रबंधन के लिए किया जा रहा जागरूक – बैतूल जिले में कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा किसानों को सूखा प्रबंधन, वैकल्पिक फसल चयन एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न विकासखंडों के ग्रामों में रात्रि चौपाल एवं किसान संगोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को रबी सीजन में कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती अपनाने की सलाह दी गई। कृषि विभाग ने किसानों को गेहूं एवं गन्ने के स्थान पर चना, मसूर, सरसों, अलसी और कुसुम जैसी वैकल्पिक फसलें लेने के लिए प्रेरित किया।
ग्राम अंधारियां में रात्रि चौपाल का आयोजन – विकासखंड आमला की ग्राम पंचायत अंधारियां में 12 अक्टूबर को आयोजित रात्रि चौपाल में कृषि विभाग द्वारा किसानों को कम वर्षा की स्थिति में फसल चयन एवं सूखा प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को गेहूं के स्थान पर चना, मसूर, सरसों एवं अलसी की फसल लेने की सलाह दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना, ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना तथा सोलर पंप सहित विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर किसानों को इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।
जामठी में किसान संगोष्ठी आयोजित – विकासखंड आठनेर के ग्राम जामठी में आयोजित किसान संगोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को कम वर्षा की स्थिति में फसल परिवर्तन की आवश्यकता समझाई। किसानों को गेहूं के स्थान पर चना, मसूर, सरसों, अलसी एवं कुसुम की खेती अपनाने की सलाह दी गई। इस दौरान सूखा प्रबंधन के तकनीकी उपायों, रबी फसल प्रदर्शन तथा प्रमाणित बीज वितरण योजना की जानकारी दी गई। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना, ई-कृषि यंत्र अनुदान एवं सोलर पंप योजना के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई।
मुढ़ा में फसल चयन एवं शासकीय योजनाओं की दी जानकारी- विकासखंड शाहपुर की ग्राम पंचायत मुढ़ा में कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसानों को उपयुक्त फसल चयन एवं कृषि विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विकासखंड शाहपुर में एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ, तहसील कार्यालय एवं कृषि विभाग के कार्यालय सहित विभिन्न स्थानों पर जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर फ्लेक्स एवं पोस्टर लगाए गए हैं।
युवाओं के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जा रहा संदेश- शाहपुर कॉलेज में आयोजित युवा रोजगार सम्मेलन के मंच का उपयोग करते हुए किसानों के बच्चों एवं जनप्रतिनिधियों को कम वर्षा की स्थिति में फसल परिवर्तन के महत्व से अवगत कराया गया। युवाओं से अपील की गई कि वे अपने घरों में माता-पिता एवं अन्य किसानों को पानी की कमी की स्थिति समझाएं और इस रबी सीजन में गेहूं एवं गन्ने की फसल लगाने के बजाय चना, मसूर एवं सरसों जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।
रतनपुर के झिटूढाना में सूखा प्रबंधन पर मार्गदर्शन – विकासखंड भीमपुर अंतर्गत ग्राम रतनपुर के झिटूढाना में आयोजित रात्रि चौपाल में उप संचालक कृषि द्वारा किसानों को सूखा प्रबंधन, उपयुक्त फसल चयन एवं जल संरक्षण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। किसानों को जीरो टिलेज तकनीक, ई-विकास प्रणाली, पशु चारा प्रबंधन तथा चना, सरसों एवं मसूर की बुआई के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन दिया गया।
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