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राज्य कृषि समाचार (State News)

अश्वगंधा की जड़, फल, पत्ती से भी होती है आमदनी

8 मार्च 2021, इंदौर। अश्वगंधा की जड़, फल, पत्ती से भी होती है आमदनी –  गत दिनों आत्मा परियोजना इंदौर एवं सीमेप लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में कृषि महविद्यालय इंदौर में कृषक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय औषधीय एवं सुगंध पौधा संस्थान लखनऊ की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. तृप्ति झंग ने अश्वगंधा फसल की उत्पादन तकनीक के तहत फसल बोने के पूर्व से लेकर फसल काटने तक की अलग-अलग अवस्थाओं को विस्तार से समझाया और चर्चा के दौरान कृषकों की अश्वगंधा फसल को लेकर आई समस्याओं का समाधान भी किया।

औषधीय पौधों का महत्व

इसके पूर्व डॉ. झंग और श्रीमती शर्ली थॉमस, उप संचालक, आत्मा परियोजना, इंदौर ने फील्ड भ्रमण कर माचल, कुवाली, खुड़ैल, गारीपिपलिया, राम पिपलिया, सोलसिन्दा आदि गांवों में अश्वगंधा का उत्पादन ले रहे किसानों के खेतों का अवलोकन कर उन्हें महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बता दें कि अश्वगंधा एक औषधीय फसल है जिसका उपयोग आयुर्वेदिक और यूनानी औषधियों में बहुतायत से किया जाता है। यह कई रोगों में लाभकारी है। इसकी जड़ों में 13 प्रकार के एल्कोलाइड पाए जाते हैं। इसकी जड़ के साथ ही पत्तियों और फल से भी आय प्राप्त होती है।

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