भोपाल में कृषि विस्तार अधिकारियों धरना ई-अटेंडेंस के विरोध में उठी आवाज
लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
23 अगस्त 2026, भोपाल (कृषक जगत): भोपाल में कृषि विस्तार अधिकारियों धरना ई-अटेंडेंस के विरोध में उठी आवाज – भोपाल के अंबेडकर पार्क में मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर से आए कृषि विस्तार अधिकारियों ने ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिकारियों ने अपनी वर्षों से लंबित विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग को लेकर शासन के प्रति विरोध दर्ज कराया।
धरने के बाद मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई। धरना प्रदर्शन में मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के संरक्षक एवं मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के संगठन मंत्री मनोहर गिरी ने कृषि विस्तार अधिकारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि कृषि विस्तार अधिकारियों का कार्य सामान्य कार्यालयीन कर्मचारियों से पूरी तरह अलग है। उनका अधिकांश समय किसानों के खेतों, गांवों और विभिन्न मैदानी गतिविधियों में बीतता है। कृषि विभाग की योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने, किसानों की समस्याओं को समझने और शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कराने में कृषि विस्तार अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। मनोहर गिरी ने कहा कि कृषि विस्तार अधिकारियों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक मुख्यालय पर ई-अटेंडेंस के लिए बाध्य करना उनकी कार्यप्रणाली के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि कृषि विस्तार अधिकारियों का काम किसानों की उपलब्धता और मैदानी जरूरतों के अनुसार चलता है। कई बार उन्हें अपने मुख्यालय से दूर गांवों और खेतों में विभागीय कार्यों के लिए जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कार्यालय की तरह निर्धारित समय में मुख्यालय पर उपस्थिति दर्ज कराना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ कृषि विस्तार अधिकारियों की मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। मनोहर गिरी ने कहा कि अनेक ग्रामीण मुख्यालयों पर न तो शासकीय आवास की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही शौचालय एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में अधिकारियों को पूरे दिन मुख्यालय पर उपस्थित रहने के लिए बाध्य करना व्यवहारिक कठिनाइयों को बढ़ाने वाला है। उन्होंने विशेष रूप से महिला कृषि विस्तार अधिकारियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर भी शासन का ध्यान आकर्षित किया।महिला अधिकारियों की सुरक्षा का भी उठाया मुद्दा श्री मनोहर गिरी ने कहा कि विभाग में बड़ी संख्या में महिला कृषि विस्तार अधिकारी कार्यरत हैं और इनमें से कई अधिकारियों की पदस्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में है। जहां पर्याप्त आवास, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां पूरे दिन अनिवार्य ई-अटेंडेंस की व्यवस्था महिला अधिकारियों के लिए भी गंभीर व्यावहारिक समस्या पैदा कर सकती है।
उन्होंने शासन से मांग की कि नीति बनाते समय मैदानी कर्मचारियों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि कार्यालय स्तर पर ई-अटेंडेंस व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, लेकिन कृषि विस्तार अधिकारियों जैसे मैदानी कर्मचारियों पर इसे उसी रूप में लागू करना उचित नहीं है। कृषि विस्तार अधिकारी किसानों और शासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके काम को समय की एक निश्चित सीमा में बांधने के बजाय उनके मैदानी दायित्वों और कार्य निष्पादन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। धरना प्रदर्शन के दौरान संघ की ओर से मांग की गई कि ई-HRMS प्रणाली में कृषि विस्तार अधिकारियों के लिए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त की जाए। इसके स्थान पर पूर्व की तरह दौरा डायरी के आधार पर उपस्थिति व्यवस्था लागू रखी जाए, ताकि अधिकारी अपनी मैदानी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष मोहन डामोर ने कहा कि कृषि विस्तार अधिकारी किसानों के हित में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संघ अपनी मांगों को लेकर शासन के समक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहा है। शासन यदि कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं और लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेता है तो इससे कृषि विस्तार अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे किसानों के हित में और अधिक प्रभावी तरीके से कार्य कर सकेंगे।2800 ग्रेड पे और भत्ते बढ़ाने की मांग कृषि विस्तार अधिकारियों ने 2400 ग्रेड पे के स्थान पर 2800 ग्रेड पे प्रदान करने की मांग भी उठाई। संघ का कहना है कि कृषि विस्तार अधिकारियों की तकनीकी योग्यता, कार्य की प्रकृति, मैदानी दायित्व और किसानों के साथ सीधे किए जाने वाले कार्य को देखते हुए 2800 ग्रेड पे दिया जाना न्यायोचित है।
इसके अलावा अतिरिक्त केंद्रों का दायित्व संभालने वाले कृषि विस्तार अधिकारियों के अतिरिक्त केंद्र भत्ते को भी बढ़ाने की मांग की गई। संघ के अनुसार वर्तमान में मिलने वाला 500 प्रतिमाह अतिरिक्त केंद्र भत्ता अतिरिक्त कार्यभार की तुलना में बेहद कम है। इसे बढ़ाकर 5,000 प्रतिमाह करने की मांग की गई। साथ ही कृषि विस्तार अधिकारियों को पटवारी के समान 4,000 प्रतिमाह एग्री स्टैक भत्ता देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
कर्मचारी संगठनों ने दिया समर्थन
धरना प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ एवं मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भी पहुंचकर कृषि विस्तार अधिकारियों की मांगों का समर्थन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री कुलदीप गुर्जर, प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ उपस्थित रहे। इसके अलावा मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ, उज्जैन के जिला अध्यक्ष श्रीअंकुश गुप्ता सहित प्रदेशभर से आए पदाधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी मौजूद रहे।
संघ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त करने सहित सभी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कृषि विस्तार अधिकारी किसानों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली और मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीतिगत निर्णय लिए जाने चाहिए।
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