राज्य कृषि समाचार (State News)

अग्रवाल फाउंडेशन ने 15 गांवों में किसान गोष्ठियां आयोजित कीं

09 जून 2025, (दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर): अग्रवाल फाउंडेशन ने 15 गांवों में किसान गोष्ठियां आयोजित कीं – खेती – किसानी में नवाचारों के लिए किसानों को जागरूक कर रही निरंजन लाल अग्रवाल फाउंडेशन संस्था ने  गत दिनों  जिले के अलग-अलग 15 गांवों में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया। इन संगोष्ठियों में गांव के सरपंच, जनप्रतिनिधि, पंचायत सचिव के साथ ही कृषि विशेषज्ञ शामिल हुए।

इंदौर के वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ श्री  एनके तांबे ने किसानों को पर्यावरण पखवाड़ा के आयोजन के उद्देश्य बताते हुए सलाह दी कि प्रतिवर्ष अपने परिवार में 5 फलदार पौधे लगाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी, आपके नाती-पोती आपको याद  करें । पर्यावरण की दृष्टि से भी पेड़- पौधों का महत्व समझाया। श्री तांबे ने किसानों को सलाह  दी कि यदि हम कपास की खेती में लाइन से लाइन की दूरी 90 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखते हैं तो एक एकड़ में लगभग 29000 पौधे लगेंगे। इससे प्रति एकड़ उत्पादन भी बढ़ेगा।

संस्था के डायरेक्टर श्री प्रीतेश अग्रवाल ने बताया कि निमाड़ में कपास खेती को बचाना है और किसान को अधिक फायदा मिले उसके लिए हमें प्रति एकड़ उत्पादन बढ़ाना बहुत आवश्यक है, क्योंकि भारत में प्रति एकड़ उत्पादन बहुत कम है। जबकि सबसे ज्यादा कपास खेती भारत में होती  है । लेकिन दूसरे देशों में प्रति एकड़ उत्पादन ज्यादा है। इसके लिए प्रति एकड़ पौध संख्या बढ़ाना ही विकल्प है।

 संस्था के परियोजना अधिकारी श्री रवींद्र यादव ने किसानों को कपास फसल में अधिक उत्पादन के लिए एचडीपीएस (उच्च पौध सघन पद्धति ) के बारे में बताया। उन्होंने भी कहा  कि आज कपास की खेती में हमें प्रति एकड़ पौध संख्या बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि हर साल बीटी कॉटन का उत्पादन गिरता जा रहा है, अतः: हमें बजाय ज्यादा दवाई और रासायनिक खाद पर खर्च करने के, पौध संख्या बढ़ाना चाहिए।  संचालन श्री शांतिलाल राठौड़, श्री गोविंद सिसोदिया, श्री रविन्द्र बाला व सभी फील्ड सहयोगियों ने किया। आभार  प्रदर्शन  परियोजना प्रमुख श्री मुकेश सिंह चौहान ने किया।

Advertisement
Advertisement
Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement