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राज्य कृषि समाचार (State News)

स्वच्छ सुजल गांव बनाने की दिशा में चल रहा सशक्त जन आंदोलन

04 मार्च 2025, भोपाल: स्वच्छ सुजल गांव बनाने की दिशा में चल रहा सशक्त जन आंदोलन – मध्यप्रदेश के गांवों को भी स्वच्छ सुजल गांव बनाने की दिशा में बेहतरी से कार्य किया जा रहा है। बता दें कि जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत देश भर के गांवों को स्वच्छ सुजल गांव बनाने की दिशा में एक सशक्त जन आंदोलन चल रहा है।

यह पहल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने पर केंद्रित है, बल्कि इसे एक स्थायी व्यवहार परिवर्तन के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य भी है।

मध्यप्रदेश में अभियान को नई गति

मध्यप्रदेश सरकार इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सतत प्रयासरत है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण को सफल बनाने के लिए पंचायतों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर गांव तक स्वच्छ जल पहुंचाने और ओडीएफ प्लस स्थिति को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। ‘स्वच्छ सुजल गांव’ अभियान केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरणीय संतुलन का आधार बन रहा है।

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प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस पहल को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हर घर जल प्रमाणन प्राप्त गांवों और ओडीएफ प्लस मॉडल गांवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे राज्य के हर गांव को ‘स्वच्छ सुजल गांव’ का दर्जा मिल सके।

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‘स्वच्छ सुजल गांव’-एक आदर्श मॉडल

‘स्वच्छ सुजल गांव’ वह होता है जहां सभी ग्रामीण परिवारों और सार्वजनिक संस्थानों जैसे विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन और शौचालय को सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई हो और ग्राम सभा द्वारा ‘हर घर जल’ प्रमाणन प्राप्त हो। गांव ने खुले में शौच से मुक्त की स्थिति को न केवल प्राप्त किया हो, बल्कि इसे सतत रूप से बनाए रखा हो। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था हो, जिससे जल स्रोतों की गुणवत्ता बनी रहे और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। गांव में स्वच्छता और जल संरक्षण को लेकर सामूहिक संकल्प लिया गया हो और इसे ग्राम सभा में पारित किया गया हो। गांव का परिदृश्य स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनुकरणीय हो, जिससे अन्य क्षेत्रों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बने।

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