बड़वानी में हुआ मृदा परीक्षण कार्यशाला का आयोजन
20 अप्रैल 2026, बड़वानी: बड़वानी में हुआ मृदा परीक्षण कार्यशाला का आयोजन – कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह की अध्यक्षता में गत दिनों कलेक्ट्रोरेट सभाकक्ष में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में कार्यरत संस्था, युवा उद्यमी एवं कृषकों एवं विभागीय अमले को मृदा परीक्षण प्रक्रिया एवं कार्ड की उपयोगिता के संबंध मे कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कलेक्टर द्वारा बताया गया कि यह कार्यशाला खरीफ फसलों की बेहतरी के लिए आयोजित की गई, मिट्टी नमूने भी समय पर लिये जाएं , किसान मिट्टी परीक्षण अनिवार्य रूप से करावें । जिससे मिट्टी में कौन-कौन से तत्वों की कमी है । उसी अनुसार संतुलित उर्वरक का उपयोग करें , साथ ही आर्गेनिक खाद का भी उपयोग करें । रासायनिक उर्वरक का अधिक उपयोग करने से मिट्टी में जो जीवांश/मित्र कीट को भी नुकसान होता है ।
डॉ. जी. एस. टैगोर मृदा वैज्ञानिक, कृषि महाविद्यालय जबलपुर द्वारा बड़वानी जिले की भौगोलिक क्षेत्र एवं मिट्टी में पायी जाने वाले अम्लता, लवणता, क्षारीयता एवं जीवनशीलता के बारे में बताया गया । फसल की अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी में पी.एच मान न्यूनतम 6.5 पी.एच. से 7.5 पी.एच. होता है । इससे अधिक पी.एच. होने से क्षारीय मृदा बनती है इसको सुधारने के जिप्सम 250 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर उपयोग किया जाता है । डॉ. संजय दुबे मृदा वैज्ञानिक कृषि महाविद्यालय इन्दौर मृदा नमूना लेने की प्रक्रिया एवं कपास, मक्का, मिर्ची फसल में वैज्ञानिक अनुशंसा अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग करने हेतु विस्तृत चर्चा की गई । श्री रामशंकर जाट, सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी खरगोन द्वारा मृदा नमूना लेते समय आवश्यक उपकरण एवं सावधानियों के बारे में विस्तृत चर्चा की गई तथा मृदा नमूना परीक्षण प्रक्रिया एवं किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड के अनुसार उपयोग करने की सलाह दी गई । मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में कार्यरत संस्था/युवा उद्यमी द्वारा मिनी लेब के माध्यम से मृदा नमूना विश्लेषण प्रक्रिया प्रदर्शित कर किसानों को दिखाया गया । निवाली एवं ठीकरी के युवा कृषकों द्वारा निजी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला खोलने की इच्छा जताई गई ।
उप संचालक कृषि द्वारा बताया गया कि मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला जबलपुर, इन्दौर एवं खरगोन में प्रशिक्षण प्राप्त करने एवं मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला मे लगने वाले आवश्यक उपकरण क्रय करने की सलाह दी गई। कार्यशाला में कृषि, उद्यानिकी के विभागीय मैदानी अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
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