उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा, बीज ट्रैकिंग के लिए नया मोबाइल ऐप होगा लॉन्च
23 अप्रैल 2026, भोपाल: उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा, बीज ट्रैकिंग के लिए नया मोबाइल ऐप होगा लॉन्च – उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को डिजिटल सुविधा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। इसके तहत राज्य में गन्ना बीज की पूरी सप्लाई चेन को ट्रैक करने के लिए एक नया मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है। इस ऐप के जरिए किसानों को न सिर्फ गुणवत्तापूर्ण बीज मिलेगा, बल्कि उसकी पूरी जानकारी भी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध होगी।
इस योजना के तहत गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग एक ‘सीड ट्रेस एंड ट्रैक’ मोबाइल ऐप विकसित कर रहा है। इस ऐप के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि गन्ना शोध केंद्र से बीज कहां से निकला, किन-किन चरणों से गुजरते हुए वह किसान तक पहुंचा और किस किसान को वह उपलब्ध कराया गया। इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बीज की गुणवत्ता पर निगरानी भी मजबूत होगी।
बीज सप्लाई में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर
विभाग के अनुसार गन्ने का बीज कई चरणों से होकर किसानों तक पहुंचता है, जिसमें शोध केंद्र, गन्ना विकास परिषद और बीज उत्पादन नर्सरी शामिल होती हैं। अब तक इतनी लंबी प्रक्रिया में ट्रैकिंग पूरी तरह संभव नहीं थी, लेकिन नए ऐप से यह व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल हो जाएगी।
इस ऐप के जरिए किसानों को मोबाइल पर ही बीज की उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी और वे अपनी जरूरत के अनुसार डिमांड भी भेज सकेंगे। इससे बीज वितरण प्रणाली अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो जाएगी।
कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग ने बीज की कालाबाजारी रोकने के लिए यह डिजिटल सिस्टम तैयार किया है। अधिकारियों का मानना है कि ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने के बाद गन्ना बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और किसानों को सही समय पर बेहतर बीज मिल सकेगा।
तकनीकी साझेदारी से तैयार हो रहा ऐप
यह मोबाइल ऐप उत्तर प्रदेश रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर और गुजरात स्थित भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स (BISAG-N) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस परियोजना पर सरकार का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं आ रहा है, क्योंकि इसे पीएम गति शक्ति योजना के तहत तैयार किया जा रहा है।
किसानों को होंगे कई फायदे
नया सिस्टम लागू होने के बाद किसानों को बेहतर क्वालिटी का बीज समय पर मिलेगा, जिससे उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही पूरी सप्लाई चेन की ट्रैकिंग होने से गन्ने की किस्मों की निगरानी भी आसान होगी और आने वाले वर्षों में बेहतर वैरायटी विकसित करने में मदद मिलेगी।
यह डिजिटल पहल गन्ना खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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