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राज्य कृषि समाचार (State News)

निमाड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया

कोरोना महामारी में पर्यावरण के प्रति चेतना बढ़ी

26 जून 2021, मंडलेश्वर ।  निमाड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया – कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन की मारामारी के बाद लोगों को पेड़ों का महत्व समझ में आया और पर्यावरण के प्रति चेतना बढ़ी। इसीलिए इस वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यक्तिगत और सामूहिक स्तर पर अन्य संस्थाओं द्वारा बड़ी संख्या में पौधारोपण किया गया।

कृषक जगत के खरगोन जिला प्रतिनिधि श्री दिलीप दसौंधी, मंडलेश्वर ने भी पौधारोपण का संकल्प लिया। उनके द्वारा किसानों को इसके लिए प्रेरित किया गया और उन्हें बड़, पीपल और बिल्व पत्र के पौधे वितरित किए गए। साथ ही इन पौधों को कैसे जीवित रखा जाए इसकी भी जानकारी दी गई। श्री दसौंधी ने बताया कि ग्राम नजरपुर में 300 और ग्राम बाकानेर में 200 पौधे रोपित किए गए। पर्यावरण सप्ताह के तहत गढ़ मुक्तेश्वर आश्रम गढ़ी में 200 पौधे लगाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए गड्ढे खोद लिए गए हैं। जबकि विंटेज तापडिय़ा फैक्ट्री, बाकानेर में 25 जून तक 2000 पौधे लगाए जाएंगे। पौधारोपण के दौरान श्री सुरेश कोठारी, नजरपुर, श्री राजीव द्विवेदी बाकानेर और कई किसान मौजूद थे।

वहीं दूसरी निरंजनलाल अग्रवाल फाउंडेशन एवं के के फ़ायबर्स, खरगोन द्वारा पर्यावरण संरक्षण सप्ताह मनाने का निर्णय किया गया। इसी परिप्रेक्ष्य में परियोजना प्रमुख श्री आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष 5 जून से पर्यावरण सप्ताह में औषधि, फल, सब्जी, फूल , एवं अधिक प्राकृतिक आक्सीजन प्रदाय करने वाले पौधे लगवाएंगे जो पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी है। निरंजनलाल फाउंडेशन के प्रमुख श्री प्रीतेश अग्रवाल ने कहा कि उद्यानिकी विभाग से प्राप्त हुए इन पौधों का रोपण किसानों के खेतो की मेड़ पर एवं गाँवो में परिवारिक निगरानी में किया जा रहा है। परियोजना प्रबंधक श्री गौरव निखोरिया ने बताया कि पौधारोपण के इस कार्य में परियोजना से जुड़े किसान परिवार, मजदूर परिवार और समस्त स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान गत वर्षों में किए गए पौधारोपण का निरीक्षण भी किया गया, जिसमें पौधे अच्छे बड़े पाए गए। इस सकारात्मक नतीजों की कई लोगों ने प्रशंसा की।

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