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राज्य कृषि समाचार (State News)

गन्ना किसानों के लिए सुनहरा मौका! नर्सरी लगाने पर सरकार देगी 11.25 लाख रुपये तक की सब्सिडी  

19 जून 2026, भोपाल: गन्ना किसानों के लिए सुनहरा मौका! नर्सरी लगाने पर सरकार देगी 11.25 लाख रुपये तक की सब्सिडी – बिहार सरकार ने गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। गन्ना उद्योग विभाग ने सिंगल बड प्लांटलेट्स आधारित गन्ना नर्सरी स्थापना योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), सहकारी समितियों और उद्यमियों को गन्ना नर्सरी स्थापित करने के लिए 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में गन्ने की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा तथा किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रोगमुक्त और गुणवत्तापूर्ण पौधों की होगी उपलब्धता

नई योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर और रोगमुक्त गन्ना पौधे उपलब्ध कराना है। इसके तहत स्थापित की जाने वाली प्रत्येक नर्सरी में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख सिंगल बड प्लांटलेट्स तैयार किए जाएंगे। इन पौधों के माध्यम से किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिल सकेंगे, जिससे गन्ने की फसल की उत्पादकता बढ़ेगी और रोगों का खतरा कम होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बीज किसी भी फसल की सफलता की पहली शर्त होता है। ऐसे में इस योजना से गन्ना किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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नर्सरी स्थापना पर मिलेगा 75 प्रतिशत अनुदान

योजना के तहत नर्सरी स्थापित करने के लिए सरकार कुल लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान देगी। अनुदान की अधिकतम सीमा 11.25 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह सहायता राशि किसानों और संस्थाओं को आधुनिक तकनीक आधारित नर्सरी विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

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योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक प्रगतिशील किसान, एफपीओ, सहकारी समितियां और उद्यमी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया कैन केयर पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी।

तीन चरणों में मिलेगी सहायता राशि

गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार अनुदान राशि का भुगतान तीन चरणों में किया जाएगा। चयनित लाभार्थियों को पहले चरण में 40 प्रतिशत, दूसरे चरण में 40 प्रतिशत और अंतिम चरण में 20 प्रतिशत राशि प्रदान की जाएगी। इससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और नर्सरी स्थापना की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

लाभार्थियों का चयन विभाग द्वारा गठित समिति के माध्यम से निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा।

किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद

सरकार का मानना है कि इस योजना से राज्य में गन्ना खेती को नई गति मिलेगी। बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों की उपलब्धता से उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को अधिक लाभ प्राप्त होगा। साथ ही गन्ना क्षेत्र में नई नर्सरियों की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

गन्ना उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह योजना आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर पौधे उपलब्ध हो सकेंगे।

चीनी उद्योग को भी मिलेगा लाभ

राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी मिलों को पुनः संचालित करने के प्रयासों के बीच यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होने से चीनी उद्योग को भी पर्याप्त मात्रा में बेहतर कच्चा माल उपलब्ध होगा। इससे राज्य के कृषि और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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