राज्य कृषि समाचार (State News)

छिंदवाड़ा में सोलर पम्प स्थापना से संबंधित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित

20 जनवरी 2026, इंदौर: छिंदवाड़ा में सोलर पम्प स्थापना से संबंधित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित – कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में  सोमवार को  कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” (कुसुम-ब) के अंतर्गत सोलर पम्प स्थापना के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर श्री धीरेन्द्र सिंह, उप संचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह, अधीक्षण यंत्री विद्युत मंडल श्री सुनील कुमार सिंहा एवं नवीकरणीय ऊर्जा अधिकारी सुश्री शालू पासी और वेंडर सहित जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री नारायन ने नवीकरणीय ऊर्जा आधिकारी, लीड बैंक मैनेजर, अधीक्षण यंत्री विद्युत मंडल और सभी जनपद सीईओ को किसानों को योजना का लाभ दिलाने और समुचित मार्गदर्शन देने के लिए बेहतर आपसी समन्वय द्वारा विकासखंड स्तर पर शिविरों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।  नवीकरणीय ऊर्जा अ धिकारी सुश्री पासी ने बताया कि मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा ‘प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना’ के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना के लिए छिन्दवाड़ा जिले के 475 कृषकों को लाभान्वित किया जाना है। उनके द्वारा योजना के तहत 10 प्रतिशत की राशि जमा कर दी गई है, शेष प्रक्रियाओं में उनके सहयोग के लिए विकासखंड स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे।

 क्या है योजना – प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम) योजना केन्द्र शासन द्वारा लागू की गई है। भारत सरकार द्वारा कृषकों की आय में बढ़ोतरी एवं आर्थिक विकास के लिये लागू, प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (कुसुम) योजनान्तर्गत घटक कुसुम-ब लागू की गई है। प्रदेश में यह योजना “प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना” के नाम से संचालित है। कुसुम-ब के अन्तर्गत कृषकों के यहां ऑफ ग्रिड सोलर पम्पों की स्थापना की जाती है।

प्रदेश में कृषकों की भूमि पर सोलर पंप की स्थापना के लिये, वर्तमान में ‘’प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना’’ के अंतर्गत किसानों को 1 एच.पी. से 7.5 एच.पी. तक क्षमता के पम्‍प पर 90 प्रतिशत सब्सिडी (अनुदान) दिये जाने का प्रावधान है। सोलर पंप की दैनिक उपयोगिता उपरांत, सोलर पैनलों की उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा के वैकल्पिक उपयोग के लिए यूनिवर्सल सोलर पंप कंट्रोलर (यू.एस.पी.सी.) के उपयोग का विकल्प भी कृषकों को दिया गया है।   योजनान्तर्गत प्राथमिकता पर अस्थायी कनेक्शन धारियों को सोलर पंप प्रदाय किये जा रहे हैं। कृषक को सोलर पम्प का लाभ इस शर्त पर दिया जाएगा कि कृषि की कृषि भूमि के आवेदित खसरे/बटांकित खसरे पर भविष्य में विद्युत पम्प लगाये जाने पर उसको विद्युत कनेक्‍शन पर कोई अनुदान देय नहीं होगा। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल, एआईएफ पोर्टल एवं अधिकृत बैंकों के डिजिटल लेंडिंग प्लेटफार्म से लिंक किये गए हैं, इससे प्रक्रिया समय को कम किया गया है तथा क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को प्रभावी रूप से दूर किया है। सोलर पंप स्थापना की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

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