छत्तीसगढ़ के किसान का कमाल! जुगाड़ तकनीक से बनाया सीड ड्रिल, अब आसान हुई मूंगफली की बुवाई
16 जुलाई 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसान का कमाल! जुगाड़ तकनीक से बनाया सीड ड्रिल, अब आसान हुई मूंगफली की बुवाई – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेती को अधिक लाभकारी, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी का सकारात्मक परिणाम गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दरमोहली में देखने को मिला, जहां प्रगतिशील किसान एवं स्थानीय लोक कलाकार भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला ने जुगाड़ तकनीक से पारंपरिक कृषि उपकरण को सीड ड्रिल में बदलकर मूंगफली की वैज्ञानिक बुवाई का सफल उदाहरण पेश किया है।
जुगाड़ तकनीक से तैयार की कम लागत वाली सीड ड्रिल
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (NMEO-Oil) योजना के तहत कृषि विभाग से 80 किलोग्राम गुणवत्तायुक्त मूंगफली बीज प्राप्त करने के बाद भानुप्रताप लगभग दो एकड़ भूमि में मूंगफली की खेती कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और अपनी तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए कम लागत में सीड ड्रिल तैयार की, जिससे कम समय में समान दूरी पर व्यवस्थित तरीके से बुवाई संभव हो सकी। इस नवाचार से न केवल श्रम की बचत हुई, बल्कि बीज का संतुलित उपयोग होने के साथ बेहतर अंकुरण की संभावना भी बढ़ी है।
आधुनिक खेती के लिए किसानों को कर रहा प्रेरित कृषि विभाग
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप कृषि विभाग किसानों तक केवल योजनाओं का लाभ ही नहीं पहुंचा रहा, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और स्थानीय नवाचारों को अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। विभाग का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करना है। ग्राम दरमोहली के किसान भानुप्रताप का यह प्रयास इसी सोच को साकार करने वाला प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
स्थानीय नवाचार से खेती होगी अधिक किफायती
उप संचालक कृषि सत्यजीत कंवर ने बताया कि स्थानीय स्तर पर विकसित ऐसे नवाचार खेती को अधिक किफायती और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कृषि विभाग किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ ऐसे उपयोगी स्थानीय प्रयोगों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के अंतर्गत जिले के किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे तिलहनी फसलों का रकबा और उत्पादन बढ़ रहा है तथा किसानों की आय में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
दूसरे किसानों के लिए बना प्रेरणा का स्रोत
जिला प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित योजनाएं अब किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही हैं। प्रगतिशील किसान भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला का यह नवाचार इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ, किसानों की रचनात्मक सोच और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग मिलकर कृषि को नई दिशा दे सकते हैं। उनका यह मॉडल अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है और आत्मनिर्भर एवं समृद्ध कृषि की दिशा में छत्तीसगढ़ की मजबूत तस्वीर पेश कर रहा है।
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