राज्य कृषि समाचार (State News)

झाबुआ जिले के 74 अभ्यर्थियों को मिला कृषि डिप्लोमा प्रमाण-पत्र

05 अगस्त 2025, नई दिल्ली: झाबुआ जिले के 74 अभ्यर्थियों को मिला कृषि डिप्लोमा प्रमाण-पत्र –  भारत सरकार की कृषि विस्तार क्षेत्र की देश की शीर्षस्थ संस्था मेनेज हैदराबाद द्वारा देश में कृषि आदान विक्रेताओं के लिये बहुआयामी डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। झाबुआ जिले में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की पांचवीं और  छठी  बैच के  अभ्यर्थियों द्वारा डिप्लोमा पाठ्यक्रम परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के फलस्वरूप उनकी  पत्रोपाधि  प्रमाण-पत्र वितरण का कार्यक्रम उप संचालक कृषि श्री  श्री नगीन सिंह रावत के मुख्य आतिथ्य में कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किया गया।

श्री रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कृषि आदान व्यवसाय के क्षेत्र में दशकों से जुड़े व्यापारी समुदाय को नवीन और उन्नत वैज्ञानिक कृषि तकनीक और समझ से सुपरिचित करवाने के लिये भारत सरकार द्वारा प्रारंभ डिप्लोमा पाठ्यक्रम एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम के माध्यम से जिले के आदान विक्रेता बंधु उन्नत कृषिगत प्रोद्योगिकी के गुढ़ रहस्यो को महीनता से समझकर किसान समुदाय की आजीविका उन्नयन में कन्धे से कन्धा मिलाकर अपना योगदान दे सकेगे। कीटनाशकों और उर्वरक विक्रय के साथ-साथ उनके न्यायोचित ढ़ंग से उपयोग के बारे में भी किसानो को बेहतर ढ़ंग से जानकारी देने में डिप्लोमा पाठ्यक्रम आदान व्यवसायियों के लिये मददगार साबित होगा।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न  विकास खंडों के 74 प्रतिभागियों को उनके डिप्लोमा प्रमाण-पत्र  वितरित किए गए । प्रमाण-पत्र प्राप्त होने से पाठ्यक्रम की दोनों बैच के प्रतिभागियों में हर्ष और उल्लास देखा गया।   कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. जगदीश  मौर्य   खेती किसानी में वैज्ञानिक अनुसंधानों  और नवीनतम उन्नत तकनीक की उपयोगिता को रेखांकित करते  हुए डिप्लोमा  अभ्यर्थियों को प्रेरणादायी उद्बोधन से अभिसंचित किया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. डी.एस.तोमर ने आसन्न वैश्विक परिवेश में कृषि में नवीन तकनीक के प्रचार-प्रसार की  संभावनाओं और  विधाओं से सदैव  सुसज्जित  रहने पर जोर दिया। डॉ. तोमर ने डिप्लोमा अर्जित प्रतिभागियों से तकनीकी ज्ञान के सुझबूझ और लगन के साथ किसान समुदाय के बीच प्रचार प्रसार करने का आह्वान  किया। जिले के नोडल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की ओर से उप परियोजना संचालक आत्मा श्री एम.एस.धार्वे ने पाठ्यक्रम की महत्ता और उपयोगिता के संबंध में सारगर्भित प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान डिप्लोमा पाठ्यक्रम बैच की ओर से श्री नाथूलाल पाटीदार पेटलावद, श्री राजेश बलसोरा रामा द्वारा प्रतिनिधित्व उद्बोधन के साथ-साथ पाठ्यक्रम अवधि के अपने अनुभव भी साझा किये। नाथूलाल पाटीदार ने डिप्लोमा पाठ्यक्रम के दौरान   अभ्यर्थियों द्वारा अर्जित ज्ञान से संतोष व्यक्त करते  हुए कहा कि विगत दो वर्षो के दौरान उन्नत कृषिगत तकनीकी के  सिद्धांतों  और नये आयामों की समझ  विकसित  होने से व्यवसायी  बंधुओं  में  ऊर्जा का नया संचार हुआ है। पाठ्यक्रम की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते  हुए सर्वोच्च अंक हासिल करने के फलस्वरूप श्री कन्हैयालाल  बामनिया , श्री कुणाल पाटीदार को  कांस्य  प्रमाण-पत्र, श्री गोविन्द पाटीदार एवं श्री जालू भूरिया को रजत प्रमाण-पत्र तथा श्री कांतिलाल परमार एवं श्री संदीप भण्डारी को स्वर्ण प्रमाण-पत्र से  अलंकृत  किया गया। पाठ्यक्रम के फैसिलिटेटर श्री प्रदीप पिपाडा द्वारा पाठ्यक्रम के उद्देश्य पूर्ण संचालन में   अभ्यर्थियों  की सक्रिय सहभागिता के लिये व्यवसायियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन तकनीकी अधिकारी श्रीमती भानुप्रिया बावनीया और आभार प्रदर्शन श्री मालसिंह धार्वे उप परियोजना संचालक आत्मा द्वारा किया गया।  

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