राज्य कृषि समाचार (State News)

ओडिशा में CM-KISAN योजना की 5वीं किस्त जारी, 41 लाख से ज्यादा किसानों को मिले 833 करोड़ रुपये

12 सितंबर 2026, भुवनेश्वर: ओडिशा में CM-KISAN योजना की 5वीं किस्त जारी, 41 लाख से ज्यादा किसानों को मिले 833 करोड़ रुपये – ओडिशा सरकार ने राज्य की अपनी किसान सम्मान योजना CM-KISAN की पांचवीं किस्त जारी कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 4 सितंबर को ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT) में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में यह राशि जारी की। यह किस्त जन्माष्टमी और नुआखाई पर्व से ठीक पहले किसानों तक पहुंचाई गई।

इस किस्त के तहत 41 लाख 35 हजार 978 छोटे व सीमांत किसानों के साथ-साथ 13,949 भूमिहीन कृषि परिवारों को भी लाभ मिला है। कुल मिलाकर 833 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी गई।

रबी सीजन की तैयारी में मददगार होगी राशि

मुख्यमंत्री माझी ने कार्यक्रम में कहा, “सीएम-किसान केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और श्रम को सम्मान देना है।” योजना का मकसद किसानों को रबी फसल की बुवाई से पहले बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में मदद करना है, ताकि उन्हें साहूकारों या महंगे कर्ज पर निर्भर न रहना पड़े। इसके अलावा योजना किसान परिवारों के बच्चों की तकनीकी शिक्षा में भी सहयोग करती है और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देती है।

राज्य सरकार ने बताया कि पिछले खरीफ सीजन (2025-26) में 18.84 लाख किसानों से 77.48 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, जिसके एवज में 5,663.84 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी का भुगतान किया गया। CM-KISAN की यह पांचवीं किस्त धान बिक्री पर मिलने वाले भुगतान से अलग, एक अतिरिक्त सहायता के रूप में दी जा रही है।

भूमिहीन कृषि परिवारों को भी मिला सीधा फायदा

CM-KISAN योजना की खासियत यह है कि इसमें सिर्फ जमीन के मालिक किसान ही नहीं, बल्कि भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार भी शामिल किए गए हैं। इस बार 13,949 ऐसे भूमिहीन कृषि परिवारों को भी राशि मिली है, जो आमतौर पर दूसरी जमीन-आधारित योजनाओं के दायरे से बाहर रह जाते हैं। इससे राज्य के सबसे कमजोर तबके के कृषि परिवारों तक भी सीधी नकद सहायता पहुंच पाई है।

त्योहारी सीजन में जारी हुई इस राशि से किसान परिवारों को जन्माष्टमी और नुआखाई जैसे स्थानीय पर्वों के दौरान होने वाले खर्च में भी राहत मिली है। कृषि विभाग के अनुसार आने वाले महीनों में इसी तरह की और किस्तें नियमित अंतराल पर जारी की जाती रहेंगी, ताकि किसानों को साल भर किसी न किसी रूप में सहायता मिलती रहे।

OUAT जैसे राज्य के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में राशि भेजने से भुगतान में देरी और बिचौलियों की भूमिका दोनों घटी है, जिससे किसानों को समय पर पूरी राशि मिल पा रही है।

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