Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को ब्याज दर में 5 प्रतिशत अनुदान

किसानों के हित में बड़ा फैसला

23 अप्रैल 2022, जयपुर । भूमि विकास बैंकों से ऋण लेने वाले किसानों को ब्याज दर में 5 प्रतिशत अनुदान – राजस्थान के सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए दीर्घ कालीन कृषि ऋण लेने वाले काश्तकारों के लिए 5 प्रतिशत ब्याज दर की अनुदान की योजना लागू की है। अब समय पर ऋण चुकाने वाले काश्तकारों को 5.15 प्रतिशत ब्याज दर से ऋण मिल पाएगा। यह योजना 31 मार्च, 2023 तक लागू रहेगी।  

श्री आंजना ने बताया कि यह योजना सहकारी भूमि विकास बैंकों से दीर्घ कालीन अवधि के लिए लेने वाले ऋणों पर लागू होगी। उन्होंने बताया कि यह ब्याज दर किसी भी वाणिज्यिक बैंक द्वारा ली जाने वाली ब्याज दर से सबसे कम है। उन्होंने  बताया कि किसानों को कृषि कार्यों के लिए ऋण की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, लेकिन ब्याज दर अधिक होने के कारण किसान को ब्याज चुकाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था और कृषि कार्यों में रुकावट भी पैदा होती थी।

31 मार्च, 2023 तक मिलेगा लाभ

सहकारिता मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने किसानों के हित में फैसला लेते हुए इसे 1 अप्रेल, 2022 से लागू किया गया है। 1 अप्रेल, 2022 से 31 मार्च, 2023 तक की अवधि में ऋण लेने वाले सभी किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि दीर्घ कालीन कृषि ऋण 10.15 प्रतिशत की ब्याज दर पर देय होता है तथा समय पर ऋण चुकता करने वाले कृषकों को 5 प्रतिशत ब्याज दर का अनुदान देकर उन्हें राहत प्रदान की गई है। 

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile
इन कार्यों के लिए ऋण लेने पर मिलेगा ब्याज अनुदान

श्री आंजना ने बताया कि किसान लघु सिंचाई के कार्य जैसे नवकूप/नलकूप, कूप गहरा करने, पम्पसैट, फव्वारा/ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी/हौज निर्माण तथा कृषि यंत्रीकरण के कार्य जैसे ट्रेक्टर, कृषि यंत्रादि, थ्रेसर, कम्बाईन हार्वेस्टर आदि को क्रय करने के लिए दीर्घ कालीन अवधि के लिए ऋण ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि डेयरी, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, कृषि भूमि क्रय, अनाज/प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लांट, कृषि योग्य भूमि की तारबंदी/बाउण्ड्रीवाल, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़/बकरी/सुअर/मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट/बैल गाड़ी क्रय जैसी कृषि संबद्ध गतिविधियों हेतु लिए गए दीर्घ कालीन ऋण भी इस योजना में कवर होंगे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

महत्वपूर्ण खबर: ग्रामीण कृषि मौसम सेवा अंतर्गत कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण संपन्न