राज्य कृषि समाचार (State News)

बिहार में 480 किसान ड्रोन केंद्र होंगे स्थापित, किसानों को किराये पर मिलेंगी ड्रोन सेवाएं

05 सितंबर 2026, पटना: बिहार में 480 किसान ड्रोन केंद्र होंगे स्थापित, किसानों को किराये पर मिलेंगी ड्रोन सेवाएं –  बिहार में कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। यह पहल चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत की जा रही है। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को अपने क्षेत्र में ही ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसान ड्रोन केंद्रों की स्थापना से किसानों को स्वयं महंगे ड्रोन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। वे अपनी आवश्यकता के अनुसार इन केंद्रों से ड्रोन सेवा किराये पर ले सकेंगे।

ड्रोन के माध्यम से फसलों में कीटनाशक, पोषक तत्व और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कम समय में अधिक क्षेत्र में किया जा सकता है। इससे कृषि कार्यों में समय और श्रम की बचत होने के साथ छिड़काव को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।

10 लाख रुपये होगी एक केंद्र की परियोजना लागत

सरकार के अनुसार प्रत्येक किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की परियोजना लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। कृषि में स्नातक आवेदकों को परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं गैर-कृषि स्नातक आवेदकों को 40 प्रतिशत, अधिकतम 4 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।

राज्य में 480 केंद्र स्थापित करने के लिए कुल 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिलों में केंद्रों की संख्या संबंधित जिले में मौजूद प्रखंडों की संख्या के आधार पर निर्धारित की गई है।

किसानों को बड़ी पूंजी लगाने से मिलेगी राहत

किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की व्यवस्था से छोटे और मध्यम किसानों के लिए ड्रोन तकनीक तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। महंगे उपकरण खरीदने के बजाय किसान जरूरत के समय सेवा लेकर उसका उपयोग कर सकेंगे। इससे आधुनिक कृषि तकनीक का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचाने और कृषि कार्यों को तेज एवं सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।

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