Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

इंदौर जिले में बनाए 48 पंजीयन केन्द्र

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की हुई बैठक

06 अक्टूबर 2025, इंदौर: इंदौर जिले में बनाए 48 पंजीयन केन्द्र – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना का पंजीयन प्रारंभ हो गया है। योजना के सुचारू क्रियान्वयन और अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को  कलेक्टर कार्यालय में विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सांसद श्री शंकर लालवानी, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, विधायक श्री मधु वर्मा तथा सुश्री उषा ठाकुर, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्री भरत सिंह पटेल, श्री श्रवण चावड़ा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन, अपर कलेक्टर श्री पवार नवजीवन सहित अन्य अधिकारी और जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने की।

 बैठक में जनप्रतिनिधियों ने किसानों के हित में अपने विचार साझा किए और योजना के प्रचार-प्रसार को गाँव-गाँव तक पहुँचाने पर जोर दिया। सभी ने एक स्वर में अपील की कि किसान निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराकर लाभ अवश्य लें। बैठक में यह तय किया गया कि जनप्रतिनिधि स्वयं गाँव-गाँव जाकर किसानों को योजना की जानकारी देंगे, ताकि कोई भी किसान इसका लाभ लेने से वंचित न रहे।

कलेक्टर के निर्देश ,किसानों को नहीं हो परेशानी –  कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने कहा कि जिले में पंजीयन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 48 केन्द्र बनाए गए हैं और 13 नए केन्द्र भी शीघ्र ही शुरू किए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को कोई अनावश्यक परेशान न होना पड़े। उन्होंने अधिकारियों की अलग से बैठक भी ली। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए की सभी पंजीयन केन्द्रों पर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे कि किसानों को किसी भी तरह की समस्या नहीं आए। उनके लिए छाया, पानी आदि मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम रखा जाए। योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।  बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने खाद वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध है। किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। खाद वितरण की समीक्षा के लिये अधिकारियों को तैनात किया गया है। निर्देश दिये गये कि खाद वितरण में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होना चाहिए।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

पंजीयन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज –  पंजीयन 17 अक्टूबर तक किया जाएगा। यह पंजीयन निःशुल्क रूप से निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर किया जा रहा है।  एम.पी. किसान एप, कियोस्क और कामन सर्विस सेंटर के माध्यम निर्धारित शुल्क जमा कर भी पंजीयन कराया जा सकता है।
 खसरा खतौनी ,आधार कार्ड, समग्र आईडी व लिंक मोबाइल नंबर, आधार से लिंक बैंक खाता  व IFSC कोड सहित होना ज़रूरी।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

क्या है भावांतर योजना ? –  यह योजना किसानों को उनकी उपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने के लिए प्रारंभ की गई है। यदि किसान को मंडी में उपज का भाव एमएसपी से कम मिलता है, तो राज्य सरकार औसत मॉडल दर और एमएसपी के अंतर की राशि सीधे किसान के खाते में जमा करेगी। फसल विक्रय की अवधि 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी और मंडियों में गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था रहेगी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture