Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब में 21वीं पशुधन जनगणना सितंबर से: पहली बार गिने जाएंगे पालतू कुत्ते और बिल्लियां

22 जुलाई 2024, चंडीगढ़: पंजाब में 21वीं पशुधन जनगणना सितंबर से: पहली बार गिने जाएंगे पालतू कुत्ते और बिल्लियां – पंजाब पशुपालन विभाग सितंबर से 21वीं पशुगणना शुरू करने जा रहा है। यह जानकारी पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने दी।

बुधवार को किसान भवन में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सरदार गुरमीत सिंह खुडियां ने कहा कि 2019 के बाद यह दूसरी बार है जब पशुगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी। इस बार पशुओं की नस्ल व अन्य विशेषताओं के अनुसार टैबलेट कंप्यूटर के माध्यम से आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार इस बार की पशुगणना में प्रदेश में 64.75 लाख से अधिक पशुओं व मुर्गियों का सर्वेक्षण किया जाएगा।

पालतू जानवर भी गिने जाएंगे

मंत्री ने बताया कि पहली बार पालतू कुत्ते और बिल्लियों की भी उनकी नस्ल के अनुसार गिनती की जाएगी। इसके अलावा, गौशालाओं और घुमंतू जनजातियों द्वारा पाले जा रहे मवेशियों की भी अलग से गणना की जाएगी।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

जनगणना की तैयारी

पशुपालन मंत्री ने बताया कि इस व्यापक सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए एक राज्य नोडल अधिकारी, पांच जोनल नोडल अधिकारी, 23 जिला नोडल अधिकारी, 392 पर्यवेक्षक और 1962 गणनाकर्ता नियुक्त किए गए हैं। गणनाकर्ता प्रत्येक घर का दौरा करेंगे और जानवरों की संख्या उनकी नस्ल और अन्य विशेषताओं के अनुसार दर्ज करेंगे।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

संयुक्त सचिव पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य विभाग श्री बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को इस जनगणना के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उनका प्रशिक्षण अगस्त में पूरा हो जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जनगणना को सुचारू और निष्कलंक रूप से पूरा करने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।

पशु चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान, एस. गुरमीत सिंह खुदियां ने पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाओं, ओपीडी, टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान की समीक्षा की। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पशुपालक किसानों को कोई समस्या न हो और उनके कल्याण को विभाग की प्राथमिकता में रखा जाए।

पशुपालन निदेशक डॉ. गुरशरणजीत सिंह बेदी ने बताया कि विभाग विभिन्न पशु रोगों और उनके रोकथाम पर साहित्य छपवाएगा और इसे पंजाब के गांवों में वितरित करेगा।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com