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राज्य कृषि समाचार (State News)

मानव जीवन में कपास प्रारंभ से अंत तक : प्रो शुक्ला

जैविक कपास उत्पादन पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला

24 अप्रैल 2023, खंडवा । मानव जीवन में कपास प्रारंभ से अंत तक : प्रो शुक्ला – कृषि महाविद्यालय द्वारा जैविक कपास पर अंतरराष्ट्रीय तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश विदेश के प्रतिभागी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े। शुभारंभ अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री अनूप कुमार सिंह ने अपने संबोधन में जैविक कपास पर आयोजित कार्यशाला पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र में ऐसे कार्यक्रमों से कृषकों को प्रोत्साहन मिलेगा कहा। अध्यक्षता करते हुए राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.अरविन्द कुमार शुक्ला ने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान मानव की मूलभूत आवश्यकता है। कपास शिशु के तन को लंगोट के रूप में ढंकता है और अंत समय में यह मानव का कफन बनता है।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.आई. सिसोदिया, पूर्व अधिष्ठाता डॉ. पी.पी. शास्त्री, डॉ. सतीश परसाई, डॉ. तनय जोशी, डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, डॉ. डी.के. पालीवाल,डॉ. एस. के. अरसिया, कृषि संकाय डॉ. डी.एच.रानाडे, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. संजय शर्मा, डॉ. एस. मनिक्कम प्रमुख अन्वेषक (कपास विकास) आईसीएआर,सीआईसीआर कोयम्बतूर उपस्थित थे। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने जैविक कपास उत्पादन के लिए विकसित दो प्रजातियों राज विजय जैविक कपास एस.जी.एफ.1 एवं एस.जी.एफ.2 को  मध्य प्रदेश के लिए अनुकूल बताया।

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