राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

शून्य शुल्क में तेल आयात से भारत में हड़कंप, IVPA ने सरकार को दी चेतावनी

16 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: शून्य शुल्क में तेल आयात से भारत में हड़कंप, IVPA ने सरकार को दी चेतावनी – भारत के खाद्य तेल शोधन उद्योग की शीर्ष संस्था इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) ने सरकार को सतर्क करते हुए कहा है कि SAFTA (दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र) के तहत नेपाल से हो रहे शुल्क-मुक्त खाद्य तेल आयात में असामान्य तेजी घरेलू उद्योग के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

IVPA ने अपने आधिकारिक ज्ञापन में बताया कि जनवरी से मार्च 2025 के बीच नेपाल से भारत में 1.80 लाख मीट्रिक टन खाद्य तेल का आयात हुआ, जबकि पूरे 2024 में यह आंकड़ा 1.25 लाख टन था। 2024 के अधिकतर आयात अक्टूबर से दिसंबर के बीच दर्ज हुए, जब भारत सरकार ने सोया तेल पर शुल्क बढ़ाया और व्यापारी नेपाल के रास्ते आयात को पुनः संचालित करने लगे।

संघ ने इस बात पर चिंता जताई है कि नेपाल की सीमित तेलबीज उत्पादन क्षमता इस आयात वृद्धि का समर्थन नहीं करती, जिससे Rules of Originके उल्लंघन और तीसरे देशों से पुनर्निर्देशन (third-country routing) की आशंका गहराती है।

IVPA का मानना है कि इस तरह के अचानक बढ़े आयात से घरेलू रिफाइनिंग उद्योग को नुकसान हो रहा है। भारतीय प्रोसेसरों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा हैतेलबीज की कीमतें MSP से नीचे गिर रही हैं, और घरेलू उत्पादन क्षमता पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रही। इससे किसान भी हतोत्साहित हो रहे हैं।

इसके अलावा, सरकार को कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) जैसे शुल्कों से होने वाले राजस्व में भी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

IVPA ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह SAFTA के प्रावधानों को सख्ती से लागू करे, ताकि घरेलू किसान, प्रोसेसर और दीर्घकालिक कृषि हित सुरक्षित रह सकें।

संघ ने मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि न्यायपूर्ण प्रतिस्पर्धा, प्रभावी अनुपालन और क्षेत्रीय व्यापार सहयोग के बीच संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक है।

IVPA ने स्पष्ट किया कि वह सरकार के साथ मिलकर खाद्य तेल क्षेत्र की स्थिरता और सभी हितधारकों के संरक्षण के लिए कार्य करने को प्रतिबद्ध है।

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