Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

अमेरिकी ड्राई फ्रूट्स पर भारत में घटेगा आयात शुल्क, जानिए क्यों?

02 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: अमेरिकी ड्राई फ्रूट्स पर भारत में घटेगा आयात शुल्क, जानिए क्यों? – भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए अमेरिकी बादाम और क्रैनबेरी पर आयात शुल्क कम करने पर विचार कर रहा है। भारत और अमेरिका के बीच उन्नत चर्चाएँ चल रही हैं ताकि प्रमुख अमेरिकी कृषि उत्पादों, जैसे बादाम और क्रैनबेरी, पर आयात शुल्क में कमी की जा सके। यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और बाजार तक पहुँच को आसान बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इन वार्ताओं का नेतृत्व दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि सहायक ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं।

भारतीय सरकार ने कई अमेरिकी आयातों, जैसे बादाम, अखरोट, क्रैनबेरी, पिस्ता और दालों पर शुल्क कम करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम भारत की उस रणनीति के अनुरूप है जिसका लक्ष्य संभावित व्यापार प्रतिबंधों को रोकना और एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाना है, जिसके इस सप्ताह के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पुष्टि की कि चर्चाएँ सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं और दोनों देश एक संतुलित समझौते की ओर काम कर रहे हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत अमेरिका की माँगों, खासकर कृषि क्षेत्र में, के जवाब में अपने प्रस्तावों को सावधानी से तैयार कर रहा है। हालाँकि, भारत डेयरी उत्पादों, चावल, गेहूँ और मक्का जैसे संवेदनशील वस्तुओं पर शुल्क में कमी को लेकर सतर्क बना हुआ है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

वर्तमान में क्रैनबेरी, बादाम और अखरोट पर आयात शुल्क 30% से 100% के बीच है, जबकि दालों पर 10% शुल्क लगता है। शुल्क में रियायत के बदले में, भारत अपने कृषि निर्यात, जैसे अनार, अंगूर और चावल, के लिए अमेरिकी बाजार में अधिक पहुँच की माँग कर रहा है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

एक व्यापक व्यापार समझौते का प्रारंभिक ढाँचा शरद ऋतु 2025 तक तैयार होने की उम्मीद है। 2024 में, अमेरिका से भारत को कृषि निर्यात लगभग 2 अरब डॉलर का था, जबकि भारत से अमेरिका को कृषि निर्यात करीब 5.5 अरब डॉलर तक पहुँचा। ये वार्ताएँ दोनों देशों के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी और गहरे व्यापारिक सहयोग की संभावना को रेखांकित करती हैं।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com