Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

केंद्र सरकार ने टूटे चावल के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध

10 सितम्बर 2022, नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने टूटे चावल के निर्यात पर लगाया प्रतिबंध – केंद्र सरकार ने भारत से टूटे चावल के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। टूटे हुए चावल का मुख्य रूप से पशु आहार और एथनॉल उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। स्थानीय मांग के लिए इसे बचाने और चावल के उत्पादन को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंध लागू किया गया है। गैर बासमती चावल पर भी 20 फीसदी का निर्यात शुल्क लगाया गया है।

अब तक 393 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हो चुकी है जो पिछले साल की तुलना में लगभग 5% कम है। कृषि मंत्रालय के अनुसार खरीफ 2022 में धान के लिए कुल लक्षित रकबा 415.8 लाख हेक्टेयर है।

खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा, “निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कारण घरेलू पोल्ट्री उद्योग और अन्य पशु फीडस्टॉक द्वारा खपत के लिए टूटे चावल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना है।”

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile
अन्य हालिया प्रतिबंध

इससे पहले, 13 मई 2022 को, भारत सरकार ने खाद्य सुरक्षा मुद्दों का हवाला देते हुए ड्यूरम गेहूं के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था। गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में सरकार ने घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए गेहूं का आटा, मैदा, सूजी और साबुत आटे के निर्यात पर रोक लगा दी है |

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

महत्वपूर्ण खबर: नया कीटनाशक वायेगो लॉन्च

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम )