Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मेरठ में बना देश का पहला अश्व रोग मुक्त ज़ोन, WOAH ने दी हरी झंडी

08 जुलाई 2025, नई दिल्ली: मेरठ में बना देश का पहला अश्व रोग मुक्त ज़ोन, WOAH ने दी हरी झंडी – देश में पशु स्वास्थ्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मेरठ छावनी स्थित रिमाउंट वेटरनरी कॉर्प्स (RVC) केंद्र और कॉलेज को विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) द्वारा देश का पहला अश्व रोग मुक्त कम्पार्टमेंट (Equine Disease Free Compartment – EDFC) घोषित किया गया है। यह मान्यता 3 जुलाई 2025 को दी गई, जो भारत के खेल घोड़ों की विदेशों में आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए बड़ी उपलब्धि है।

यह सुविधा केंद्र कड़े जैव सुरक्षा मानकों, सख्त पशु चिकित्सा निगरानी और अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करता है। अब यहां से भारतीय खेल घोड़े विदेश भेजे जा सकेंगे, जिससे भारत की वैश्विक घुड़सवारी में भागीदारी बढ़ेगी और देश की साख को मजबूती मिलेगी।

किन बीमारियों से मुक्त घोषित किया गया ज़ोन?

WOAH ने इस EDFC को पाँच प्रमुख अश्व रोगों से मुक्त घोषित किया है:
1. इक्वाइन संक्रामक एनीमिया
2. इक्वाइन इन्फ्लूएंजा
3. इक्वाइन पिरोप्लाज़मोसिस
4. ग्लैंडर्स
5. सुर्रा
इसके अलावा, भारत 2014 से अफ्रीकी हॉर्स सिकनेस से भी मुक्त है। यह सभी मानक अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए आवश्यक होते हैं।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

कैसे काम करता है यह ज़ोन?

यह ज़ोन कड़े मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के तहत काम करता है जिसमें शामिल हैं:
1. रोग बहिष्करण प्रोटोकॉल
2. कीट नियंत्रण व स्वच्छता
3. पशु स्वास्थ्य की नियमित निगरानी
4. अपशिष्ट प्रबंधन
5. भौतिक सुरक्षा और निरंतर निरीक्षण

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

कई विभागों के साझा प्रयास से मिली WOAH की मुहर

1. यह मान्यता केंद्र और राज्य के विभिन्न विभागों के समन्वय का नतीजा है:
2. पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार
3. रक्षा मंत्रालय के अधीन RVC निदेशालय
4. भारतीय घुड़सवारी महासंघ (EFI)
5. उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग

क्यों है यह उपलब्धि अहम?

यह भारत को घुड़सवारी खेलों में वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में मदद करेगा। भारत से खेल, प्रजनन और व्यापार के लिए घोड़ों का निर्यात संभव होगा। यह देश की जैव सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा। साथ ही, भविष्य में पोल्ट्री जैसे अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा मॉडल अपनाया जाएगा। यह कदम भारत की वैश्विक पशु स्वास्थ्य प्रणालियों में अग्रणी भूमिका को दर्शाता है और सुरक्षित पशु व्यापार तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भागीदारी के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम, व्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.global-agriculture.com