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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

अगले 3-4 महीने तक नहीं बढ़ेंगे मंडियों में प्याज के दाम

07 अक्टूबर 2022, नई दिल्ली: अगले 3-4 महीने तक नहीं बढ़ेंगे मंडियों में प्याज के दाम – प्याज किसान पिछले 2 महीने से लगातार कम कीमतों से जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में कीमतें कम बनी हुई हैं। मध्य प्रदेश में प्याज का औसत थोक भाव अक्टूबर के पहले सप्ताह में 856.41 रुपये प्रति क्विंटल रहा और सितंबर 2022 में 698.06 रुपये प्रति क्विंटल रहा। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में कीमतों में 61 फीसदी की गिरावट आई है।

वहीं महाराष्ट्र में अक्टूबर 2022 के पहले सप्ताह में प्याज का औसत थोक भाव 1356.84 रुपये प्रति क्विंटल रहा जो पिछले महीने सितंबर 2022 में 1106.5 रुपये प्रति क्विंटल था। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में कीमतों में 47% की गिरावट आई है।

प्याज के दाम क्यों नहीं बढ़ेंगे

पिछले तीन वर्षों में प्याज के रकबे में 20% से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2021-22 में उत्पादन लगभग 31.70 मिलियन टन था जो पिछले तीन वर्षों में 20% की वृद्धि है।

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साथ ही फसल के भंडारण के बुनियादी ढांचे में जबरदस्त विकास किया गया है। चालू सीजन से कटाई के साथ-साथ पर्याप्त मात्रा में फसल का भंडारण भी किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें कम बनी रहेंगी क्योंकि प्याज की फसल वाले क्षेत्र में कोई बड़ा कीट या रोग नहीं देखा गया है जो पहले उत्पादन कम करता था। 5 साल पहले की तुलना में अब भारत में प्याज के किसानों की संख्या अधिक है और भंडारण के बेहतर बुनियादी ढांचे भी हैं। इसी तरह की कम कीमत निर्यात बाजार में भी चल रही है जो घरेलू बाजार में कम कीमत का एक और कारण है।

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प्याज किसानों को क्या करना चाहिए

आने वाले रबी सीजन में प्याज के किसानों को अन्य नकदी फसलों की ओर रुख करना चाहिए क्योंकि कीमतें बहुत अधिक नहीं बढ़ सकती हैं। शिमला मिर्च, टमाटर, मटर, बीन्स जैसी अन्य सब्जी फसलें हैं जो प्याज की फसल के बजाय किसानों को उच्च रिटर्न प्रदान कर सकती हैं।

महत्वपूर्ण खबर: सोयाबीन मंडी रेट (06 अक्टूबर 2022 के अनुसार); खातेगांव मंडी में रहा 5760 अधिकतम रेट

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