भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदी को मंजूरी दी
18 अप्रैल 2026, नई दिल्ली: भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदी को मंजूरी दी – भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के किसानों के लिए महत्वपूर्ण खरीदी संबंधी फैसलों को मंजूरी दी है। इन निर्णयों का उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और औने-पौने दाम पर बिक्री से बचाना है। इन मंजूरियों को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वीकृति दी।
सरकार ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य किसानों को उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना, अस्थिर बाजार परिस्थितियों के प्रभाव को कम करना और कृषि बाजार में स्थिरता को मजबूत करना है। ये मंजूरियां श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक के बाद जारी की गईं।
उत्तर प्रदेश: 20 लाख मीट्रिक टन आलू खरीदी को मंजूरी
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कृषि वर्ष 2025-26 के लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत उत्तर प्रदेश के आलू खरीदी प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत राज्यभर में 20 लाख मीट्रिक टन आलू की खरीदी 6,500.9 रुपये प्रति मीट्रिक टन के बाजार हस्तक्षेप मूल्य पर की जाएगी।
इस कार्यक्रम के लिए भारत सरकार का अनुमानित वित्तीय योगदान 203.15 करोड़ रुपये है। इस कदम से आलू उत्पादकों को बेहतर लाभ मिलने, औने-पौने दाम पर बिक्री रुकने और राज्य में आलू बाजार को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
आंध्र प्रदेश: चना खरीदी सीमा बढ़ाई गई
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के चना खरीदी संबंधी अनुरोध को भी मूल्य समर्थन योजना के तहत मंजूरी दी है। प्रारंभ में 94,500 मीट्रिक टन चना खरीदी को स्वीकृति दी गई थी। राज्य सरकार के अतिरिक्त अनुरोध के बाद रबी विपणन सत्र 2025-26 के लिए अधिकतम खरीदी सीमा बढ़ाकर अब 1,13,250 मीट्रिक टन कर दी गई है।
संशोधित सीमा से आंध्र प्रदेश के चना किसानों को लाभकारी मूल्य मिलने और औने-पौने दाम पर बिक्री के जोखिम में कमी आने की उम्मीद है।
कर्नाटक: तूर खरीदी अवधि 15 मई तक बढ़ी
कर्नाटक में केंद्र सरकार ने खरीफ 2025-26 सत्र के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तूर खरीदी के लिए 30 दिन का विस्तार मंजूर किया है। अब खरीदी 15 मई 2026 तक जारी रहेगी।
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