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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मानसून से उर्वरक और खाद्यान्न भंडारण तक हुई चर्चा

08 जुलाई 2026, नई दिल्ली: शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, मानसून से उर्वरक और खाद्यान्न भंडारण तक हुई चर्चा – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में खरीफ फसलों की बुवाई की वर्तमान स्थिति, दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति, एल नीनो के संभावित प्रभाव, वर्षा की कमी वाले जिलों की स्थिति, आकस्मिक (कॉन्टिंजेंसी) योजना के क्रियान्वयन, उर्वरकों की उपलब्धता और खाद्यान्न भंडारण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि देश में खरीफ फसलों की बुवाई की रफ्तार फिलहाल अपेक्षाकृत धीमी है। हालांकि, अगले तीन दिनों के दौरान गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे बुवाई में तेजी आने की उम्मीद है। इसके साथ ही नवीनतम जलवायु मॉडल के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून पर एल नीनो के प्रभाव की आशंका भी व्यक्त की गई।

262 संवेदनशील जिलों पर केंद्र की विशेष नजर

कृषि मंत्रालय ने वर्षा की स्थिति को देखते हुए देशभर के 262 संवेदनशील जिलों की पहचान की है। इन जिलों में वर्षा के वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा 15 अतिरिक्त जिलों को भी चिह्नित किया गया है, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।

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आकस्मिक योजना लागू करने की तैयारियों की समीक्षा

बैठक के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (क्रिडा) द्वारा किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश राज्यों के साथ जिला स्तर पर आकस्मिक योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि कुछ राज्यों के साथ जल्द बैठकें प्रस्तावित हैं।

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कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को भी संभावित विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय बीज निगम के माध्यम से खरीफ सीजन के लिए बीज भंडार की नियमित निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ फसलों के लिए बीज की उपलब्धता पर्याप्त है।

जलाशयों में जल भंडारण और उर्वरकों की स्थिति पर भी चर्चा

समीक्षा बैठक में देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण की स्थिति का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इन जलाशयों में पानी का स्तर कम है, हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में भूजल की स्थिति अभी स्थिर बनी हुई है।

इसके अलावा किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने, खाद्यान्न भंडारण की मौजूदा स्थिति और साप्ताहिक मंडी भाव की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज और उर्वरकों की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न आने पाए तथा मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं।

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