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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

MSP से कम कीमत पर न हो खरीद, राज्यों को सख्त निर्देश

01 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: MSP से कम कीमत पर न हो खरीद, राज्यों को सख्त निर्देश – केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर न खरीदी जाए। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में दलहन उत्पादन को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में तुअर (अरहर) की खरीद बड़े पैमाने पर की जा रही है और अब इसमें तेजी आ रही है। किसानों को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत तुअर, उड़द और मसूर की 100% खरीद को मंजूरी दी है। यह खरीद 2024-25 के लिए स्वीकृत की गई है।

2028 तक MSP पर होगी 100% दलहन की खरीद

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि बजट 2025 के अनुसार, 2028-29 तक राज्यों में तुअर, उड़द और मसूर की 100% खरीद जारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में देश पूरी तरह से दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बन जाए। खरीफ 2024-25 सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में तुअर (अरहर) की खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत होगी।

किसानों के हित में कर्नाटक सरकार ने खरीद अवधि को 90 दिनों से बढ़ाकर 30 दिन और कर दिया है, जो अब 1 मई तक जारी रहेगी।

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शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि NAFED और NCCF के जरिए आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में MSP पर फसलों की खरीद लगातार हो रही है। 25 मार्च 2025 तक इन राज्यों में 2.46 लाख मीट्रिक टन तुअर की खरीद की जा चुकी है, जिससे 1,71,569 किसानों को सीधा लाभ मिला है।

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उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में तुअर की कीमत फिलहाल MSP से ऊपर चल रही है।

चना-सरसों-मसूर की खरीद को भी मंजूरी

रबी विपणन सत्र (RMS) 2025 के तहत चना, सरसों और मसूर की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। पीएम-आशा योजना को 2025-26 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे किसानों को MSP पर दलहन और तिलहन बेचने की सुविधा मिलती रहेगी।

  • चना की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा: 27.99 लाख मीट्रिक टन
  • सरसों की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा: 28.28 लाख मीट्रिक टन
  • मसूर की कुल स्वीकृत खरीद मात्रा: 9.40 लाख मीट्रिक टन

इनकी खरीद राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख राज्यों में होगी।

तमिलनाडु में कोप्रा (नारियल) की खरीद को भी मंजूरी दी गई है, जिससे नारियल किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। सरकार ने NAFED और NCCF पोर्टल्स के माध्यम से किसानों का पंजीकरण आसान बना दिया है, ताकि खरीद प्रक्रिया सरल हो सके।

राज्यों को शिवराज चौहान की चेतावनी: MSP से कम पर न हो खरीद

अंत में, शिवराज सिंह चौहान ने सभी राज्य सरकारों से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में किसानों की उपज MSP से कम कीमत पर न खरीदी जाए। उन्होंने राज्यों से सुनिश्चित करने को कहा है कि MSP नीति का पालन हो और किसान को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले।

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