‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों, किसानों और ग्रामीण महिलाओं को दिलाया विकसित भारत-2047 का संकल्प
20 अगस्त 2026, नई दिल्ली: ‘शक्ति की सप्तधारा’ से कृषि और ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा – स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर ‘शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा’ संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अधिकारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, लखपति दीदियों, फूड प्रोसेसर्स, निर्यातकों और एफपीओ प्रतिनिधियों ने ‘विकसित भारत-2047’ के निर्माण का संकल्प लिया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत का लक्ष्य अब केवल खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाना है।
वैश्विक बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की पहचान
उन्होंने कहा कि मिर्च, मसाले, फल, फूल और पारंपरिक खाद्य उत्पादों को वैश्विक गुणवत्ता मानकों, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रोसेसिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाएगा। प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार रसायन-मुक्त उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन तथा प्रसंस्करण की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि की लागत कम करना, उत्पादन बढ़ाना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक आकलन कर किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
AI और आधुनिक तकनीक पहुंचेगी खेत तक
कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक कृषि मशीनरी और उन्नत बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। ICAR और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के समन्वय से नई तकनीकों को तेजी से किसानों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का लाभ सीधे खेतों तक पहुंच सके।
3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा, अब 6 करोड़ का लक्ष्य
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लखपति दीदी योजना की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 3 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों की बिक्री और ब्रांडिंग को बढ़ावा देने के लिए ‘शी-मार्ट्स’ जैसी पहलों को विस्तार देने पर जोर दिया। इसके माध्यम से महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प, आयुर्वेदिक और खाद्य उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों को दिए सफलता के चार सूत्र
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों और कर्मचारियों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने सफलता के चार सूत्र बताते हुए कहा—
पांव में चक्कर — कार्यालयों से निकलकर फील्ड में जाएं और जमीनी स्थिति की समीक्षा करें।
मुंह में शक्कर — जनता और सहयोगियों के साथ मधुर व्यवहार कर मजबूत टीम बनाएं।
सीने में आग — निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून और प्रतिबद्धता रखें।
माथे पर बर्फ — कठिन परिस्थितियों में धैर्य और मानसिक संतुलन बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास की योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति और अंतिम गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।
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