1 जून से शुरू होगा खेत बचाओ अभियान, गांव-गांव पहुंचेंगी कृषि विशेषज्ञों की टीम; किसानों को मिलेगा मार्गदर्शन
31 मई 2026, नई दिल्ली: 1 जून से शुरू होगा खेत बचाओ अभियान, गांव-गांव पहुंचेंगी कृषि विशेषज्ञों की टीम; किसानों को मिलेगा मार्गदर्शन – किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मौसम आधारित खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे खेत स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 1 जून से देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ शुरू करने जा रही है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के तहत कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की टीमें गांव-गांव पहुंचकर किसानों को खेती से जुड़ी व्यावहारिक सलाह देंगी।
अभियान की तैयारियों की समीक्षा के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ( Shivraj Singh Chouhan) ने नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का मुख्य फोकस खेत बचाने, खेती की लागत कम करने और किसानों को सही समय पर सही मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर होना चाहिए।
संतुलित उर्वरक उपयोग पर रहेगा विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग को कम करना और किसानों को मृदा परीक्षण आधारित खेती के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरक उपयोग, हरी खाद, जैविक उत्पादों और जैव उर्वरकों के प्रयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और उत्पादन लागत घटाने के लिए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM) को बढ़ावा दिया जाएगा तथा इसके प्रदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मौसम के अनुसार दी जाएगी खेती की सलाह
बैठक में मौसम की अनिश्चितता और संभावित चुनौतियों को देखते हुए किसानों तक समय पर सलाह पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। अभियान के दौरान किसानों को बताया जाएगा कि वर्तमान परिस्थितियों में कौन-सी फसल उपयुक्त रहेगी, किन क्षेत्रों में फसल विविधीकरण अपनाया जा सकता है और कम वर्षा या जोखिम की स्थिति में कौन-से विकल्प बेहतर साबित होंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल संदेश देना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यावहारिक और उपयोगी सलाह उपलब्ध कराना है।
पंचायत स्तर तक पहुंचेगा अभियान
सरकार इस अभियान को केवल विभागीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसके लिए पंचायत स्तर पर व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पंचायतों के माध्यम से कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी मशीनों का वितरण, विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ और सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी।
श्री चौहान ने कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि इसे जनभागीदारी आधारित राष्ट्रीय अभियान का स्वरूप दिया जा सके।
1600 से अधिक टीमें करेंगी काम
बैठक में बताया गया कि अभियान के संचालन के लिए देशभर में 1600 से अधिक टीमों का गठन किया गया है। अधिक उर्वरक उपयोग वाले 100 जिलों के लिए 500 विशेष टीमें बनाई गई हैं। इन टीमों में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संस्थानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा ICAR और KVK की 1150 से अधिक बहुविषयक टीमें भी किसानों के बीच पहुंचकर जागरूकता और मार्गदर्शन का कार्य करेंगी।
योजनाओं का लाभ भी पहुंचाया जाएगा
अभियान के दौरान किसानों को केवल खेती संबंधी सलाह ही नहीं दी जाएगी, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम-किसान योजना से वंचित पात्र लाभार्थियों का पंजीयन, दलहन-तिलहन मिशन, ऑयल पाम मिशन, कपास मिशन, जल संरक्षण, मिट्टी स्वास्थ्य और क्षेत्र विशेष कृषि सलाह जैसी गतिविधियों को भी अभियान में शामिल किया गया है।
खेत, मिट्टी और किसान को बचाने की पहल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संदेश व्यवहारिक हो, जमीनी स्तर पर दिखाई दे और स्थानीय स्तर की संस्थाएं उससे सक्रिय रूप से जुड़ें। उन्होंने कहा कि अभियान की दिशा स्पष्ट है- खेत बचे, मिट्टी सुधरे, लागत घटे, किसान जागरूक बने और गांव स्तर पर कृषि प्रबंधन की नई संस्कृति विकसित हो।
1 जून से शुरू होने वाला यह अभियान किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच सही निर्णय लेने में मदद करेगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता और किसानों की आय में सुधार की भी उम्मीद है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global

