राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्रामीण समाचार@ 5.00 PM: गेहूं की नई किस्म पुसा I किसानों को लाभ I धान की नई किस्म सीआर I प्राकृतिक खेती I बकरी पालन

नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक ग्राम की 10 बड़ी खबरें…

1.प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु प्रतिरोधी गेहूं की नई किस्म ‘पुसा गेहूं शरबती (HI 1665)’ का किया अनावरण

भारत की कृषि को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल नई दिल्ली में पुसा गेहूं शरबती (HI 1665) नामक गेहूं की नई किस्म का अनावरण किया। इस किस्म को ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय स्टेशन, इंदौर द्वारा विकसित किया गया है, जो जलवायु परिवर्तन से प्रभावित क्षेत्रों में गेहूं की खेती पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाली है। पूरी खबर पढ़े….

2.धान की किस्म सीआर धान 416 (CR Dhan 416)

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धान की किस्म सीआर धान 416 (CR Dhan 416) (आईईटी 30201) आईसीएआर-राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, कटक, ओडिशा द्वारा विकसित की गई है। सीआर धान 416 गोलाकार धब्बे (Brown Spot), नेक ब्लास्टशीथ रॉट, चावल टंग्रो रोग, ग्लूम मलिनकिरण के लिए मध्यम प्रतिरोधी है। पूरी खबर पढ़े….

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3.प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु प्रतिरोधी धान की नई किस्म ‘सीआर धन 416’ का किया अनावरण

 भारत के कृषि क्षेत्र को जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जलवायु प्रतिरोधी धान की नई किस्म ‘सीआर धन 416’ (IET 30201) का अनावरण किया। इस किस्म को आईसीएआर-नेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट, कटक, ओडिशा द्वारा विकसित किया गया है, और यह उन क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जो जलवायु-प्रेरित जोखिमों के प्रति संवेदनशील हैं। पूरी खबर पढ़े….

4.पीएम मोदी ने जारी की 109 नई उन्नत फसल किस्में, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में 109 उच्च उपज देने वाली, जलवायु अनुकूल और जैव-सशक्त फसल किस्में जारी कीं। इन 109 किस्मों में 69 खेत की फसलें और 40 बागवानी फसलें शामिल हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत भी की। नई फसल किस्मों के महत्व पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्व पर जोर दिया। पूरी खबर पढ़े….

5.हर गांव में हो पेयजल गुणवत्ता जांच

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बारिश का मौसम चल रहा है। इस समय बुखार, दस्त, हैजा, डायरिया, पीलिया, टायफाईड, मलेरिया आदि रोगों का भी प्रकोप बढ़ गया है। अस्पतालों में इन बीमारियों के मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। यह स्थिति हर साल ही उत्पन्न होती है। यदि इन बीमारियों के होने के कारणों पर गौर करें तो इनमें से अधिकांश बीमारियां अस्वच्छ पेयजल से भी होती हैं। इसलिये हर साल बरसात के पहले और बरसात के दौरान स्वच्छ पेयजल के उपयोग करने के बारे में समझाईश दी जाती है। पूरी खबर पढ़े….

6.पीएम मोदी ने लॉन्च की जलवायु प्रतिरोधी गेहूं की नई किस्म: पुसा गेहूं गौरव (HI 8840)

भारत के कृषि क्षेत्र को अधिक जलवायु प्रतिरोधी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नई जलवायु प्रतिरोधी गेहूं की किस्म, पुसा गेहूं गौरव (HI 8840), का अनावरण किया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा विकसित की गई यह किस्म विशेष रूप से प्रायद्वीपीय और मध्य क्षेत्रों में गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त है, जहाँ विभिन्न प्रकार की जलवायु चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पूरी खबर पढ़े….

7.छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ओला पीड़ित किसानों को मिला 9 लाख का मुआवजा, 164 किसानों को राहत

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलगहना तहसील के 4 गांवों के 164 ओला पीड़ित किसानों को राज्य सरकार द्वारा 9 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया गया है। राज्य शासन के नियमों के अनुसार, प्राकृतिक आपदा के कारण 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 8,500 रुपये का मुआवजा दिया जाता है। पूरी खबर पढ़े….

8.उदयपुर कृषि महाविद्यालय डेयरी उद्योग में उद्यमिता विकास एवं स्टार्ट-अप पर अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार हुआ

डेयरी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थी परिषद द्वारा 10 अगस्त को आरसीए सभागार में “डेयरी एवं खाद्य उद्योग में उद्यमिता विकास एवं स्टार्ट-अप के अवसर” विषयक  अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया । इस अवसर पर पूर्व विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष डॉ करुण चंडालिया ने बताया की डेयरी एवं खाद्य के विद्यार्थियों में उद्यमिता का विकास करने के प्रयोजन से इस विश्व स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया I पूरी खबर पढ़े….

9.प्राकृतिक खेती से अब जल्द तैयार होगा सिरमौर में जिमीकंद

जिमीकंद एक बहुवर्षीय भूमिगत सब्जी के लिए जाना जाता है। सिरमौर जिला में नाहन  ,पोंटा ,संगड़ाह आदि क्षेत्रों में अधिकतर उगाया जाता है। जिमीकंद प्राय  2 से  3  वर्ष में तैयार होता है जोकि बाजारों में अच्छे दामों में बिकता है। लेकिन अब प्राकृतिक खेती के तहत आत्मा परियोजना ने गजेंद्र नामक जिमीकंद बीज का प्रयोग शुरू किया है जोकि 5  से 6  महीने में तैयार हो जाता है और इसके दाम  भी बेहतर मिलते हैं I पूरी खबर पढ़े….

10.बकरियों की प्रमुख नस्लें एवं लक्षण

बकरी पालन को एक लाभकारी व्यवसाय बनाने में नस्लों के चुनाव का बहुत विशेष महत्व है। भारत में बकरी पालन भूमिहीनों एवं गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की जीविका का मुख्य साधन है। हमारे देश के विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में बकरियों की 23 शुद्ध नस्लें पायी जाती हैं। इसके अलावा लगभग 75 प्रतिशत देशी बकरियां भी मिलती हैं। वर्तमान में हमारे देश में बकरियों की कुल संख्या 14 करोड़ के करीब हैं। पूरी खबर पढ़े….

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