राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

उर्वरक पर बढ़ती निर्भरता, 280 लाख टन आयात

22 जुलाई 2026, नई दिल्ली (कृषक जगत विशेष): उर्वरक पर बढ़ती निर्भरता, 280 लाख टन आयात – वित्त वर्ष 2025-26 में देश ने 280 लाख टन से अधिक उर्वरकों का आयात किया |भारत दुनिया के सबसे बड़े उर्वरक उपभोक्ता देशों में शामिल है। यही कारण है कि यूरिया, डीएपी (DAP), म्यूरेट ऑफ पोटाश (MOP) तथा अन्य प्रमुख उर्वरकों की आपूर्ति के लिए उसे हर वर्ष बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत की उर्वरक उपलब्धता और सरकारी सब्सिडी पर पड़ता है।

7 करोड़ टन उर्वरकों की खपत

उद्योग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में देश में लगभग 707 लाख टन उर्वरक उत्पादों का उपयोग हुआ। इससे किसानों को करीब 330 लाख टन नाइट्रोजन (N), फास्फोरस (P) और पोटाश (K) पोषक तत्व प्राप्त हुए। बढ़ती खाद खपत के कारण घरेलू उत्पादन मांग पूरी नहीं कर पा रहा है और आयात अनिवार्यता बन गया है।

निर्यात बढ़ा, लेकिन उत्पाद अलग

इसी के साथ भारत कुछ मात्रा में उर्वरक निर्यात भी करता है ।परंतु भारत जिन उर्वरकों का बड़े पैमाने पर आयात करता है, उनका निर्यात नहीं करता। निर्यात में मुख्यतः पोटेशियम सल्फेट, ऑर्गेनिक उर्वरक, पोटेशियम क्लोराइड, अमोनियम नाइट्रेट, विशेष (स्पेशियलिटी) उर्वरक तथा जैविक खाद शामिल हैं। यानी निर्यात का स्वरूप मूल्यवर्धित और सीमित बाजार वाला है।

श्रीलंका को निर्यात बढ़ा 

भारतीय उर्वरकों के प्रमुख खरीदारों में ब्राजील, श्रीलंका, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, बांग्लादेश और मालदीव शामिल हैं। श्रीलंका को भी निर्यात में पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।

वास्तविक चुनौती आयात निर्भरता घटाने की

देश की खाद्य सुरक्षा आज भी बड़े पैमाने पर आयातित उर्वरकों पर निर्भर है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने, संतुलित पोषक तत्व उपयोग, नैनो उर्वरकों, जैविक विकल्पों और पोषक तत्व उपयोग दक्षता में सुधार के बिना आयात निर्भरता कम करना कठिन होगा।

मुख्य तथ्य

  • उर्वरक आयात (2025-26): 280 लाख टन से अधिक
  • उर्वरक निर्यात (2025-26): 4.7 लाख टन
  • तीन वर्षों में निर्यात वृद्धि: 52%
  • देश में उर्वरक खपत (2024-25): 707 लाख टन
  • पौधों को उपलब्ध कराए गए पोषक तत्व (NPK): लगभग 330 लाख टन
  • प्रमुख आयात: यूरिया, डीएपी, एमओपी
  • प्रमुख निर्यात: स्पेशियलिटी एवं ऑर्गेनिक उर्वरक, पोटेशियम सल्फेट, अमोनियम नाइट्रेट

“उर्वरक निर्यात में 52 प्रतिशत वृद्धि निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है, लेकिन भारत की उर्वरक अर्थव्यवस्था की वास्तविक कहानी निर्यात नहीं, बल्कि 707 लाख टन की घरेलू खपत और 280 लाख टन से अधिक के आयात पर टिकी है। यही भविष्य की कृषि नीति और आत्मनिर्भरता की सबसे बड़ी चुनौती भी है।”

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