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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

डेयरी किसानों को राहत: पिछले 5 वर्षों में दूध की कीमतों में लगातार वृद्धि, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं से समर्थन  

03 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: डेयरी किसानों को राहत: पिछले 5 वर्षों में दूध की कीमतों में लगातार वृद्धि, सब्सिडी और सरकारी योजनाओं से समर्थन – देश के डेयरी किसानों के लिए अच्छी खबर है। पिछले पांच वर्षों में दूध की औसत कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है और कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई। सरकार द्वारा दूध को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और उत्पाद शुल्क से छूट देने के अलावा, विभिन्न सब्सिडी और योजनाओं के माध्यम से किसानों को समर्थन प्रदान किया जा रहा है।

दूध की कीमतों में लगातार वृद्धि

दुग्ध संघ और फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार, भैंस और गाय के दूध की औसत कीमत में पिछले पांच वर्षों में लगातार बढ़ोतरी हुई है:

वर्षभैंस का दूध (रु./लीटर)गाय का दूध (रु./लीटर)
2021-2239.829.4
2022-2344.333.6
2023-2446.535.2
2024-2547.535.5
2025-2649.236.7

इन कीमतों में राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी शामिल है।

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दूध उत्पादन और पशुपालन की वास्तविकता

स्तनपान के दौरान, गाय और भैंस का दूध उत्पादन आमतौर पर 4-5 महीने के बाद कम हो जाता है, जो कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। भारत में गाय और भैंसें औसतन 10-12 वर्ष तक दूध देती हैं। संविधान के अनुच्छेद 246(3) के अनुसार, पशुपालन और पशु संरक्षण पर कानून बनाने का अधिकार राज्यों को प्राप्त है।

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सरकारी योजनाओं और समर्थन

पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) देश में दूध की कीमतें सीधे नियंत्रित नहीं करता। सहकारी और निजी डेयरी संघ दूध की कीमतें अपनी उत्पादन लागत और बाजार की स्थिति के आधार पर तय करते हैं। हालांकि, विभाग विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायक सहायता प्रदान करता है, जिनमें शामिल हैं:

1. राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM)
2. राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (NPDD)
3. डेयरी सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को सहायता (SDCFPO)
4. पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF)
5. राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM)
6. पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम (LHDC)

ये योजनाएं दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने, डेयरी सहकारी समितियों के नेटवर्क का विस्तार, कार्यशील पूंजी की उपलब्धता, चारे की उपलब्धता और पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सहायक हैं। इसके साथ ही ये हस्तक्षेप डेयरी फार्मिंग की लागत को कम करने और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी मदद कर रही हैं।

मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह ने मंगलवार (2 दिसंबर 2025) को लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी और बताया कि सरकार लगातार डेयरी किसानों की सहायता और उनकी आय बढ़ाने के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है।

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