कृषि क्षेत्र में दौड़ेगी PM मोदी की रिफॉर्म एक्सप्रेस, किसानों और कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
20 मई 2026, नई दिल्ली: कृषि क्षेत्र में दौड़ेगी PM मोदी की रिफॉर्म एक्सप्रेस, किसानों और कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने कृषि क्षेत्र में सुधारों को और तेज गति देने के लिए नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में किसानों, व्यापारियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए प्रक्रियाओं को आसान, तेज और पारदर्शी बनाने को लेकर कई बड़े फैसलों और प्रस्तावित सुधारों पर चर्चा की गई।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव श्री अतीश चंद्रा ने मंत्रालय द्वारा लागू किए जा रहे विभिन्न सुधारों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार कृषि क्षेत्र में Ease of Doing Business को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मकसद किसानों और उद्यमियों को कम कागजी प्रक्रिया, तेज सेवाएं और तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराना है।
घरेलू कीटनाशकों की लाइसेंस प्रक्रिया हुई आसान
सरकार ने घरेलू उपयोग के कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। अब लाइसेंस आवेदन फॉर्म को तीन पन्नों से घटाकर केवल एक पन्ने का कर दिया गया है। इसके अलावा उत्पादों के साथ दिए जाने वाले पारंपरिक फिजिकल लीफलेट की व्यवस्था खत्म कर सीधे QR Code की सुविधा दी गई है।
इस फैसले से मच्छर भगाने वाली मैट, कॉइल, लिक्विड वेपोराइजर और कॉकरोच स्प्रे जैसे उत्पाद बेचने वाले 40 लाख से अधिक खुदरा दुकानदारों और किराना व्यापारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
नए उर्वरकों की मंजूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
बैठक में उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) 1985 के तहत नए उर्वरकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की जानकारी दी गई। पहले किसी नए उर्वरक को मंजूरी दिलाने के लिए तकनीकी समिति और केंद्रीय उर्वरक समिति दोनों की स्वीकृति जरूरी होती थी, लेकिन अब दोहरी व्यवस्था खत्म कर केवल केंद्रीय उर्वरक समिति को अधिकृत किया गया है।
सरकार अब ऐसे अकार्बनिक उर्वरकों को अनिवार्य फील्ड ट्रायल से छूट देने पर भी विचार कर रही है, जो तय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं। इससे नई तकनीक वाले उर्वरकों को बाजार में लाने की प्रक्रिया काफी तेज हो सकती है।
कृषि आयात-निर्यात प्रक्रिया बनी डिजिटल
कृषि जिंसों के आयात को आसान बनाने के लिए देश के सभी 649 कस्टम पोर्ट्स पर डिजिटल इंटीग्रेशन पूरा कर लिया गया है। Plant Quarantine Management System (PQMS) और ICEGATE के बीच एंड-टू-एंड इंटीग्रेशन स्थापित किया गया है।
अब आयातकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। केवल ICEGATE पर एक आवेदन करने के बाद Import Release Order सीधे लॉगिन पर जारी हो जाएगा। इससे समय और कागजी प्रक्रिया दोनों में कमी आएगी।
बीज और रोपण सामग्री के आयात-निर्यात में राहत
सरकार ने बीज और रोपण सामग्री के आयात-निर्यात को भी आसान बनाने के लिए EXIM Committee को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही “Prior Recommendation” लेने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। इससे कृषि कारोबारियों और बीज कंपनियों को तेज और सरल प्रक्रिया का लाभ मिलेगा।
Bharat-VISTAAR AI प्लेटफॉर्म से किसानों को बड़ी सुविधा
बैठक में “भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) – AI in Agriculture” प्लेटफॉर्म की भी समीक्षा की गई। यह एक AI आधारित प्लेटफॉर्म है, जहां किसान खेती से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार के अनुसार, 17 फरवरी 2026 को लॉन्च हुए इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 44 लाख से ज्यादा सवाल पूछे जा चुके हैं। पहले किसानों को अलग-अलग जानकारी के लिए 15 से अधिक प्लेटफॉर्म पर जाना पड़ता था, लेकिन अब एक ही जगह पर उन्हें योजनाओं, तकनीक, खेती और मौसम से जुड़ी जानकारी मिल रही है।
पारदर्शिता और सुशासन पर सरकार का फोकस
बैठक के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए सुधारों की प्रक्रिया को और तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल, तेज और प्रभावी बनाना है।
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