PM-Kisan योजना 2031 तक रहेगी जारी, किसानों के लिए ₹3.15 लाख करोड़ मंजूर; मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला
01 अगस्त 2026, नई दिल्ली: PM-Kisan योजना 2031 तक रहेगी जारी, किसानों के लिए ₹3.15 लाख करोड़ मंजूर; मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस अवधि के लिए योजना के तहत 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन को स्वीकृति दी गई है। इस फैसले के साथ केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों की आय को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को निरंतर समर्थन देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए समय पर और पारदर्शी तरीके से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों को खेती में निवेश बढ़ाने और अपनी आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
हर साल मिलते हैं 6,000 रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल सत्यापन और मजबूत डीबीटी प्रणाली के जरिए यह योजना पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का सफल उदाहरण बन चुकी है।
अब तक की प्रमुख उपलब्धियां
सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला, जिसमें 18,984 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए गए।
कोविड-19 महामारी के दौरान किसानों को राहत देने के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता वितरित की गई। योजना के तहत महिला किसानों को अब तक 1.06 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। कुल लाभार्थियों में लगभग हर चार में से एक महिला किसान शामिल है।
कृषि निवेश बढ़ाने में मिली मदद
सरकार के अनुसार, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि का उपयोग किसान बीज, उर्वरक, सिंचाई, कृषि मशीनरी और अन्य कृषि आवश्यकताओं पर समय पर निवेश करने में कर रहे हैं। इससे खेती की उत्पादन क्षमता बढ़ी है, अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता कम हुई है और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिली है।
स्वतंत्र मूल्यांकन में भी सकारात्मक परिणाम
योजना के प्रभाव का आकलन विभिन्न स्वतंत्र संस्थानों द्वारा किया गया। नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) के मूल्यांकन के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने सहायता राशि का उपयोग कृषि गतिविधियों और कृषि निवेश में किया।
करीब 85 प्रतिशत लाभार्थियों ने कृषि आय में सुधार और अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता कम होने की पुष्टि की।
कृषि उत्पादन में भी दर्ज हुई बढ़ोतरी
सरकार के अनुसार, 2020-21 से 2025-26 की अवधि में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। इस दौरान कृषि क्षेत्र में लगभग 9.65 प्रतिशत वृद्धि हुई। उत्पादकता में लगभग 10.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। कुल खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 21.18 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सरकार का मानना है कि यह वृद्धि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को मिल रही व्यापक सहायता और कृषि क्षेत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
डिजिटल इंडिया का प्रभावी उदाहरण
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को डिजिटल इंडिया के सफल मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है। आधार आधारित प्रमाणीकरण, डिजिटल लाभार्थी सत्यापन और डीबीटी प्रणाली के जरिए किसानों के खातों में सीधे सहायता राशि भेजी जा रही है। सरकार के अनुसार, यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और कृषि में निवेश की क्षमता को भी मजबूत कर रही है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
सरकार का कहना है कि योजना को आगे भी जारी रखने से किसानों की कृषि में निवेश करने की क्षमता बढ़ेगी, उत्पादकता में सुधार होगा, कृषि संबंधी जोखिम कम होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया गया है, जिसका उद्देश्य देश के करोड़ों किसानों को सशक्त बनाकर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना है।
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