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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

गणतंत्र दिवस पर 575 सरपंचों की भागीदारी: सरपंचों ने नई योजनाओं में निभाई अहम भूमिका

27 जनवरी 2025, नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस पर 575 सरपंचों की भागीदारी: सरपंचों ने नई योजनाओं में निभाई अहम भूमिका – 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर, देशभर से 575 से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों और उनके जीवनसाथियों ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में हिस्सा लिया। इनमें 40% महिलाएं शामिल थीं, जो ग्रामीण शासन में लैंगिक समावेशिता को दर्शाती हैं। इस आयोजन का उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोकतंत्र और पंचायत प्रणाली को सशक्त बनाना था।

इससे पहले, 25 जनवरी को केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सरपंचों और पंचायत नेताओं को सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें 10 प्रमुख सरकारी योजनाओं जैसे हर घर जल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मिशन इंद्रधनुष, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, पीएम पोषण योजना, मुद्रा योजना, विश्वकर्मा योजना, मातृ वंदना योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) को सफल बनाने में योगदान के लिए दिया गया। इनमें कई पंचायतें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार विजेता भी हैं।

ग्राम प्रधानों के योगदान के विशेष उदाहरण

मंत्री ने विशेष रूप से उन पंचायतों की सराहना की, जिन्होंने हर घर जल योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को सफलतापूर्वक लागू किया। उदाहरण के तौर पर, कुछ पंचायतों ने अपने क्षेत्र में शत-प्रतिशत जल आपूर्ति और आवास निर्माण को समय पर पूरा किया है। इन प्रयासों से ग्रामीणों की जीवनशैली में सुधार हुआ है।

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केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतें इन योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभा रही हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिल रहा है। मंत्री ने पंचायतों के लिए वित्तीय आवंटन में वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि 2005-2014 के बीच 60,972 करोड़ रुपये की तुलना में 2014-2024 के दौरान यह 3,94,140 करोड़ रुपये हो गया है।

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महिला प्रधानों की भागीदारी को सराहा गया

इस आयोजन में 132 महिला प्रधानों ने भी हिस्सा लिया। मंत्री ने इसे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और ग्रामीण शासन में उनके नेतृत्व का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना ने गांवों में संपत्ति विवादों को कम करने में मदद की है, जिससे शांति और आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को ग्राम पंचायत से परे नेतृत्व की भूमिका निभाने और ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक के महत्व को समझने का आह्वान किया।

राज्य मंत्री ने पंचायतों की वित्तीय मजबूती पर दिया जोर

पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने बताया कि 13वें वित्त आयोग के तहत प्रति व्यक्ति वार्षिक आवंटन 176 रुपये था, जो 15वें वित्त आयोग के तहत बढ़कर 674 रुपये हो गया है। उन्होंने पंचायत भवनों को पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ प्रदान करने के केंद्र के रूप में उपयोग करने का सुझाव दिया। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान और ‘मेरी पंचायत’ ऐप के उपयोग के महत्व पर भी जोर दिया।

पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने ई-ग्राम स्वराज, भाषिनी, पंचायत निर्णय, ग्राम मंच और मेरी पंचायत ऐप जैसे तकनीकी नवाचारों के माध्यम से पंचायतों को अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने पंचायतों को अपने राजस्व स्रोत बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस कार्यक्रम के दौरान “ग्रामोदय संकल्प” पत्रिका के 15वें ई-संस्करण का विमोचन किया गया। यह पत्रिका पंचायतों के अनुकरणीय कार्यों और ग्रामीण विकास की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रदर्शित करती है। साथ ही, संविधान दिवस प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

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