राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

शिकायत मिली तो खुद खेत पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज, बोले- किसानों से धोखा बर्दाश्त नहीं होगा

10 जुलाई 2025, नई दिल्ली: शिकायत मिली तो खुद खेत पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज, बोले- किसानों से धोखा बर्दाश्त नहीं होगा – केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बीते रविवार को मध्यप्रदेश के गंजबासौदा दौरे पर पहुंचे। जहां उन्होंने सोयाबीन की बुवाई करने वाले किसानों से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि उन्होंने सोयाबीन की बुवाई की थी, लेकिन बीज अंकुरित ही नहीं हुआ। इससे पूरी बोवनी बेकार हो गई और मेहनत के साथ-साथ लागत भी बर्बाद हो गई।

इस पर शिवराज सिंह खुद खेत में गए, मिट्टी खोदी और बीज निकालकर देखे। मंत्री ने कहा कि यह किसानों के साथ यह बड़ा धोखा है। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए कहा, “यह बीज कहां से आया, किसने बेचा, इसकी पूरी जांच होगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें राहत और मुआवज़ा दिलाया जाएगा।

Advertisements
Advertisement
Advertisement

इस दौरान उन्होंने कहा कि, “किसानों के साथ धोखा अब बर्दाश्त नहीं होगा, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई और किसानों को पूरा न्याय मिलेगा।”  

नकली बीज-खाद रोकने को कानून कड़े होंगे
गंजबासौदा में निरीक्षण के बाद सोमवार को फिक्की के 11वें मक्का समिट 2025 में भी केंद्रीय मंत्री ने सोयाबीन बीज की इसी समस्या का ज़िक्र करते हुए कहा था कि मध्यप्रदेश में अमानक बीज की गंभीर स्थिति देखी गई है और इसकी जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमानक बीज, खाद और उर्वरक की बिक्री को लेकर सरकार जल्द ही कड़े कानूनी प्रावधान लाएगी, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह की ठगी का शिकार न होना पड़े।

Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement