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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

एग्री स्टार्ट अप क्षमता विस्तार के लिए राष्ट्रीय कॉन्क्लेव

कृषि मंत्रालय ने फिक्की, सीआईआई और पीएचडीसीसीआई के साथ की भागीदारी

02 सितम्बर 2023, नई दिल्ली: एग्री स्टार्ट अप क्षमता विस्तार के लिए राष्ट्रीय कॉन्क्लेव – केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने फिक्की, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के साथ 31 अगस्त को भागीदारी की । इस भागीदारी का उद्देश्य़ “किसानों के लाभ के लिए एग्रीटेक स्टार्टअप की क्षमताओं को उजागर करना हैं।” जिसके के लिए अनलीशिंग द पोटेंशियल ऑफ एग्रीटेक स्टार्टअप्स फॉर द बेनिफिट्स ऑफ फार्मर्स विषय पर एक राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।

कॉन्क्लेव में सचिव श्री मनोज आहूजा, अवर सचिव श्री फैज अहमद किदवई, संयुक्त सचिव (आरकेवीवाई) श्री आशीष कुमार श्रीवास्तव और संयुक्त सचिव (विस्तार) सैमुअल प्रवीण कुमार, कृषि मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और फिक्की, सीआईआई और पीएचडीसीआईआई के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य भारत में एग्री स्टार्टअप के लिए व्यापक समर्थन देने वाली प्रणालियों पर चर्चा करना और उनकी पहचान करना था, जिससे नवाचार, स्थिरता और लाभप्रदता को बढ़ावा मिलेगा और उनके समाधानों को किसानों के लिए सुलभ बनाया जा सकेगा।

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दो सत्रों में कॉन्क्लेव हुआ आयोजित

इस कॉन्क्लेव में फिक्की ने दो सत्रों का आयोजन किया। सत्र 1 का विषय “राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में एग्रीटेक के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका” था। सत्र राज्य स्तर पर स्टार्ट-अप के सामने आने वाली चुनौतियों और इन पर काबू पाने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम के निर्माण पर चर्चा हुई। मुख्य सिफारिशें इस प्रकार रही: कृषि में नवाचार के लिए एक समावेशी इकोसिस्टम, एग्री डेटा मैनेजमेंट फ्रेमवर्क (2023), राज्य सरकारों के भीतर स्टार्ट-अप के लिए एक नोडल एजेंसी बनाना, चैटबॉट सुविधा के साथ सूचना, ज्ञान और योजनाओं के भंडार वाला एक स्टार्ट-अप पोर्टल विकसित करना, स्टार्ट-अप इंडिया में एग्री स्टार्ट-अप की जानकारी वाली विशेष वेबसाइट शामिल करना।

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सत्र 2 में “एगटेक में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना: सार्वजनिक डिजिटल सामानों के माध्यम से एग्री स्टार्टअप तक डेटा की पहुंच को सक्षम बनाना था।” सत्र की कुछ सिफारिशों में सरकार द्वारा मुख्य डेटा साझा करना जहां निजी क्षेत्र भी योगदान दे सकता है, किसान डेटा और भूमि रिकॉर्ड (भू संदर्भ और कृषि सीमाएं), डेटा प्रसार के लिए तंत्र का विकास आदि रही।

“स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन इकोसिस्टम” विषय पर एक अलग सत्र का आयोजन किया गया

सीआईआई ने “किसानों के लिए नवीन अवधारणाओं को व्यावहारिक समाधानों में परिवर्तित करने में स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सशक्त बनाना” विषय पर एक अलग सत्र का आयोजन किया। सत्र में स्टार्ट-अप और इनक्यूबेटरों के बीच एक समकालिक और सहक्रियाशील दृष्टिकोण पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श किया गया।

पीएचडीसीसीआई का सत्र

पीएचडीसीसीआई ने “किसानों के लिए एग्रीटेक समाधानों को सुलभ बनाने के उद्देश्य से सामाजिक नवाचार” पर एक सत्र का आयोजन किया। पैनलिस्टों ने माना किया कि किसान को नवाचार के केंद्र में रखने की जरूरत है।

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