किसानों की समस्या पर मंत्री शिवराज सिंह का तुरंत एक्शन, लीची संकट पर बनी विशेषज्ञ कमेटी; टीम एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट
08 मई 2026, नई दिल्ली: किसानों की समस्या पर मंत्री शिवराज सिंह का तुरंत एक्शन, लीची संकट पर बनी विशेषज्ञ कमेटी; टीम एक सप्ताह में देगी रिपोर्ट – शिवराज सिंह चौहान ने बिहार के लीची किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। लीची स्टिंग बग के कारण फसल को हो रहे भारी नुकसान का मुद्दा सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर एक विशेषज्ञ कार्यबल (टास्क फोर्स) का गठन किया गया है। यह टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी और किसानों को राहत दिलाने के लिए तात्कालिक व दीर्घकालिक समाधान सुझाएगी। विशेषज्ञ समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, 7 मई को केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान में आयोजित कृषक संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों ने लीची स्टिंग बग से फसल को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया था। किसानों ने बताया कि इस कीट के कारण लीची उत्पादन पर गंभीर असर पड़ रहा है और बागवानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत सुनते ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल संज्ञान लिया और विशेषज्ञों की टीम गठित करने का निर्देश दिया।
इसके बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र द्वारा 7 मई को आदेश जारी कर विशेषज्ञ कार्यबल का गठन किया गया। आदेश के अनुसार, यह टीम लीची स्टिंग बग की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन करेगी, प्रभावित जिलों और प्रखंडों का दौरा करेगी तथा फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके अलावा कार्यबल किसानों के लिए जरूरी परामर्श, विस्तार गतिविधियों और राज्य व केंद्र स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप संबंधी सुझाव भी देगा।
विशेषज्ञ कार्यबल में शामिल सदस्य
इस टास्क फोर्स का अध्यक्ष राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के निदेशक को बनाया गया है। इसके अलावा इसमें बिहार सरकार के उद्यान एवं बागवानी विभाग के प्रतिनिधि, पौधा संरक्षण विभाग के अधिकारी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कीट वैज्ञानिक, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के प्रधान वैज्ञानिक (कीट विज्ञान), एकीकृत बागवानी विकास मिशन के प्रतिनिधि और कई विशेषज्ञ वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है।
कार्यबल में डॉ. जयपाल सिंह चौधरी, डॉ. एम. सम्पत कुमार, डॉ. इप्सिता सामल तथा डॉ. विनोद कुमार जैसे विशेषज्ञ भी शामिल हैं। डॉ. विनोद कुमार को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रभावित जिलों का जल्द दौरा करेगी टीम
आदेश के मुताबिक, विशेषज्ञ कार्यबल बिहार के लीची उत्पादक जिलों के सबसे अधिक प्रभावित प्रखंडों का जल्द दौरा करेगा। टीम किसानों से बातचीत कर जमीनी हालात का आकलन करेगी और कीट नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुझाएगी। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपी जाएगी, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
किसानों को राहत देने पर फोकस
केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य लीची किसानों को त्वरित राहत पहुंचाना और भविष्य में ऐसे कीट प्रकोप से फसल को सुरक्षित रखने की रणनीति तैयार करना है। वैज्ञानिकों की यह टीम दीर्घकालिक समाधान, कीट प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी सुझाव देगी, जिससे बिहार के लीची उत्पादकों को स्थायी लाभ मिल सके।
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