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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

बांग्लादेश से पीएम मोदी के लिए आया 1000 किलो का ‘हरिभंगा आम’, जानिए इस मीठे फल की खासियत

17 जुलाई 2025, नई दिल्ली: बांग्लादेश से पीएम मोदी के लिए आया 1000 किलो का ‘हरिभंगा आम’, जानिए इस मीठे फल की खासियत – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बांग्लादेश से 1000 किलो खास किस्म का हरिभंगा आम भेजा गया है। ये आम बांग्लादेश के रंगपुर जिले में उगाया जाता है और अपनी खास मिठास और स्वाद के लिए मशहूर है। किसानों के लिए ये आम सिर्फ फल नहीं, आजीविका का बड़ा जरिया है। खास बात ये है कि हरिभंगा आम रेशेदार होता है, वजनदार होता है और विटामिन सी से भरपूर होता है। 

हरिभंगा आम की खासियत क्या है?

हरिभंगा आम बांग्लादेश की एक बेहद खास किस्म की आम है, जो वहां के रंगपुर जिले के मीठापुकुर उपजिला में उगाई जाती है। इस आम को उसके रेशेदार गूदे, मीठे स्वाद और खास खुशबू के लिए जाना जाता है। एक हरिभंगा आम का वजन करीब 250 से 400 ग्राम तक होता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह कभी खट्टा नहीं होता और पेड़ से गिरने के 4 से 5 दिनों के भीतर इसे खा लेना सबसे अच्छा माना जाता है। इसमें विटामिन ‘सी’ के साथ कई मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इस आम की शुरुआत एक जमींदार के घर से हुई थी।

किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार

हरिभंगा आम का बांग्लादेश की कृषि में बड़ा योगदान है। हजारों किसान इसकी खेती से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। इसकी खेती से न सिर्फ स्थानीय किसान सशक्त हो रहे हैं, बल्कि इसे विदेशों में भी निर्यात किया जा रहा है। बांग्लादेश सरकार ने पिछले कुछ सालों में हरिभंगा आम के एक्सपोर्ट को लगातार बढ़ाया है। आज ये आम सऊदी अरब, दुबई, मलेशिया, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों में भी जाता है।

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भारत में हरिभंगा की एंट्री कब हुई?

भारत में हरिभंगा आम साल 2021 में पहली बार पहुंचा था, जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पहल पर यह भेजा गया था। इसके बाद हरिभंगा आम भारत में भी लोकप्रिय हो गया और इसके मीठे स्वाद की चर्चा हर ओर होने लगी।

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हिमसागर और हरिभंगा में क्या फर्क है?

पश्चिम बंगाल में उगने वाले हिमसागर आम और बांग्लादेश के हरिभंगा आम की तुलना अक्सर होती है। दोनों ही आम काफी मीठे होते हैं लेकिन हरिभंगा में गूदा ज्यादा पाया जाता है। हिमसागर आम में खास सुगंध और फाइबरलेस टेक्सचर होता है, जबकि हरिभंगा की खासियत इसका रसीला गूदा और देर तक बनी रहने वाली मिठास है।

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