ICAR संस्थानों में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री शिवराज सिंह, 113 संस्थानों के औचक निरीक्षण के दिए निर्देश
18 मई 2026, नई दिल्ली: ICAR संस्थानों में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री शिवराज सिंह, 113 संस्थानों के औचक निरीक्षण के दिए निर्देश – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने ICAR संस्थानों की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में ICAR के महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि कृषि अनुसंधान संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अव्यवस्था और शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ICAR की सभी 113 संस्थाओं के औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वे स्वयं भी विभिन्न संस्थानों का अचानक दौरा करेंगे, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
पुणे के अंगूर अनुसंधान संस्थान की अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
बैठक की शुरुआत में शिवराज सिंह चौहान ने पुणे स्थित ICAR के राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान के 15 मई को किए गए औचक निरीक्षण का जिक्र करते हुए गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान संस्थान में कई कमियां और अव्यवस्थाएं सामने आईं।
उन्होंने बताया कि वहां मौजूद मुख्य अधिकारी को संस्थान की मूलभूत जानकारी तक नहीं थी। पहले उन्हें फील्ड में जाने से रोका गया और कहा गया कि अभी अंगूर उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने पर नर्सरी में घास उगी मिली। मजदूर नहीं मिलने जैसी दलीलें दी गईं, जो बेहद गैर-जिम्मेदाराना थीं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब उन्होंने निर्यात, रोग प्रबंधन और नई वैरायटी विकसित करने की योजनाओं को लेकर सवाल पूछे तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि संस्थान के पास कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आया।
“अगर ऐसे संस्थान चल रहे हैं तो यह नेशनल लॉस”
शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा कि यदि किसान निजी नर्सरियों से पौध सामग्री लेने को मजबूर हों और संस्थान की उपयोगिता पर सवाल उठाएं, तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान संस्थानों का उद्देश्य केवल औपचारिक कामकाज नहीं, बल्कि किसानों और बाजार की वास्तविक जरूरतों का समाधान देना होना चाहिए।
उन्होंने डीडीजी (बागवानी) डॉ. एस.के. सिंह से भी सवाल पूछते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि उनके अधीन आने वाले संस्थान सही तरीके से काम करें। उन्होंने साफ कहा कि “अगर ऐसे संस्थान चल रहे हैं, तो यह नेशनल लॉस है।”
निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान, पुणे के निदेशक डॉ. कौशिक बनर्जी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही उन्होंने संस्थानों में निदेशक और वैज्ञानिकों की नियुक्ति प्रक्रिया, प्रशासनिक व्यवस्था और नेतृत्व चयन प्रणाली की विस्तृत जानकारी भी मांगी, ताकि पूरे तंत्र की समीक्षा की जा सके।
सभी संस्थानों की होगी रैंकिंग
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ICAR की सभी संस्थाओं के लिए स्पष्ट प्रदर्शन मानक तय किए जाएंगे। इन्हीं मानकों के आधार पर संस्थानों की रैंकिंग तैयार होगी।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाएगा, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले संस्थानों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य संस्थानों में प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित करना है।
8 से 10 सदस्यों की टीम करेगी निरीक्षण
शिवराज सिंह चौहान ने ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट को निर्देश दिए कि 8 से 10 सदस्यों की टीम बनाकर सभी 113 संस्थानों का औचक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां निकालना नहीं, बल्कि संस्थानों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और किसान-केंद्रित बनाना है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 16 जुलाई को ICAR फाउंडेशन डे से पहले सुधारात्मक कार्यों में स्पष्ट प्रगति दिखाई देनी चाहिए।
अच्छे काम करने वाले संस्थानों की भी सराहना
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि ICAR के सभी संस्थान कमजोर नहीं हैं। उन्होंने करनाल स्थित गेहूं अनुसंधान संस्थान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को मॉडल के रूप में सामने लाया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी मिलकर कमियों की पहचान करें, उनका समाधान निकालें और किसानों व देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम करें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ICAR जैसी संस्थाएं भारत की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं, इसलिए हर स्तर पर जवाबदेही, दृष्टि और परिणाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

