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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मार्केट इंटरवेंशन स्कीम से किसानों को बाग़वानी फसलों का लाभकारी मूल्य मिलेगा

मार्केट इंटरवेंशन स्कीम से किसानों को बाग़वानी फसलों का लाभकारी मूल्य मिले, किसानों – एफ़पीओ से सीधे ख़रीद हो

केन्द्र ने दिए राज्यों को निर्देश

नई दिल्ली । कृषि मंत्रालय ने जल्द खराब होने वाली कृषि और बागवानी फसलों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों को बाजार हस्तक्षेप योजना(मार्केट इंटरवेंशन स्कीम – MIS) लागू करने की सलाह दी है ।साथ ही राज्यों के मंडी नियमों में सुधार एवं संशोधन कर थोक ख़रीदारों को सीधे बड़े खुदरा विक्रेताओं द्वारा किसानों-एफपीओ, सहकारी समितियों से सीधी खरीद की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं ।
केंद्रीय कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्री, श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों के साथ गत सप्ताह एक वीडियो कांफ्रेंस की, जिसमें कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से उत्पन्न हुए किसानों और कृषि गतिविधियों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा की गई। इन विचार-विमर्शों के बाद, भारत सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सूचित कर दिया गया है:इनमें लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय इस प्रकार हैं

• कृषि विभाग ने जल्द खराब होने वाली कृषि और बागवानी फसलों के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करने की सलाह दी गई है, जिसमें लागत का 50 प्रतिशत (पूर्वोत्तर राज्यों के मामले में 75 प्रतिशत) भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। जारी हुए परिपत्र में राज्यों के साथ विस्तृत दिशा-निर्देशों को साझा किया गया है।

• गत सप्ताह राज्य सरकारों/ केंद्र शासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी किया गया है जिसमें राज्य एपीएमसी अधिनियम के अंतर्गत विनियमन को सीमित करके, सीधे विपणन की सुविधा प्रदान की गई है ।और थोक खरीदारों/ बड़े खुदरा विक्रेताओं द्वारा किसानों-एफपीओ, सहकारी समितियों से सीधी खरीद की सुविधा देने के निर्देश जिए गए हैं। तमिलनाडु, कर्नाटक और झारखंड जैसे कई राज्यों ने जारी किए गए एडवाइजरी की तर्ज पर पहले से ही प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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•इसके साथ ही रेलवे द्वारा जल्द खराब होने वाले बागवानी उत्पाद, बीज, दुध और डेयरी उत्पादों सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए 109 टाइम-टेबल पार्सल ट्रेनें शुरूआत की गई है। लॉकडाउन शुरु होने के साथ ही पार्सल स्पेशल ट्रेनों के लिए लगभग 59 मार्गों (109 ट्रेनों) को अधिसूचित कर दिया गया है। इसके साथ ही, भारत के लगभग सभी महत्वपूर्ण शहर जल्द से जल्द आवश्यक और जल्द खराब होने वाली वस्तुओं के परिवहन से जुड़ जाएंगे। उल्लेखनीय है कि इन सेवाओं को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है।

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• इससे पहले ई-नाम ऐप में लॉजिस्टिक्स मॉड्यूल को जोड़ा गया था। इस मॉड्यूल का उपयोग किसानों/ व्यापारियों द्वारा किया जा रहा है और 200 से ज्यादा लोग इसका उपयोग शुरू कर चुके हैं।