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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

नीतियों से किसानों का जीवन आसान बनाना हमारी प्राथमिकता: जेपी नड्डा

04 जनवरी 2026, नई दिल्ली: नीतियों से किसानों का जीवन आसान बनाना हमारी प्राथमिकता: जेपी नड्डा – किसानों को केंद्र में रखकर भारत सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने, समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के उर्वरक विभाग द्वारा राजधानी नई दिल्ली में एक दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों, सहकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों को देश की नीतियों का केंद्र बिंदु माना है। इसी सोच के तहत सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि नीतियों और फैसलों का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे और उनका जीवन पहले से अधिक आसान बने।

विकट परिस्थितियों में भी किसानों को मिला उर्वरक

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आई चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उर्वरक विभाग ने किसानों की जरूरतों को समय पर पूरा किया। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा उठाए गए किसान हितैषी कदमों का ही परिणाम है कि इस वर्ष उर्वरकों के आयात के साथ-साथ घरेलू उत्पादन में भी रिकॉर्ड दर्ज किया गया है।

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संतुलित उपयोग और दुरुपयोग रोकने पर फोकस

जेपी नड्डा ने कहा कि उर्वरकों के संतुलित उपयोग और खेती के अलावा अन्य क्षेत्रों में हो रहे दुरुपयोग की समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार के विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे। सरकार का उद्देश्य उर्वरक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और टिकाऊ बनाना है, जिससे किसानों को दीर्घकालीन लाभ मिल सके।

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भारत को खाद्य भंडार बनाने की दिशा में प्रयास

चिंतन शिविर में मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि भारत दुनिया के लिए एक प्रमुख खाद्य भंडार के रूप में उभरे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के चिंतन शिविरों से सरकार को ऐसे महत्वपूर्ण विचार और सुझाव मिलेंगे, जो भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

सरकार–पीएसयू–निजी क्षेत्र का साझा मंथन

उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) और निजी क्षेत्र सभी ने किसानों को मंथन के केंद्र में रखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साझा प्रयास से बेहतर और व्यावहारिक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने बताया कि इस चिंतन शिविर को ऐसा मंच बनाया गया है, जहां हर विचार को अभिव्यक्ति और महत्व दिया जा सके।

15 विषयों पर हुई गहन चर्चा

राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में आयोजित इस एक दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान 15 अलग-अलग समूहों ने आपस में विचार-विमर्श कर भारत सरकार को कई महत्वपूर्ण और कारगर सुझाव दिए। इन समूहों ने उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों से संवाद, उर्वरक इकोसिस्टम को डिजिटल रूप से मजबूत करने, पोषण आधारित सब्सिडी और नए दौर की उर्वरक नीति जैसे विषयों पर चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री और उर्वरक सचिव ने सभी समूहों के साथ अलग-अलग बैठकों में उनके सुझावों को गंभीरता से सुना। इस चिंतन शिविर में उर्वरक विभाग के सभी नौ पीएसयू के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी संस्थाओं और निजी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।

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