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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मध्यप्रदेश को वॉटरशेड विकास योजना के तहत अतिरिक्त फंड, देश के 10 बेहतरीन राज्यों में शामिल

27 फ़रवरी 2025, नई दिल्ली: मध्यप्रदेश को वॉटरशेड विकास योजना के तहत अतिरिक्त फंड, देश के 10 बेहतरीन राज्यों में शामिल – ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (WDC-PMKSY) के तहत वॉटरशेड विकास योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य देश के वर्षा आधारित और बंजर क्षेत्रों का समग्र विकास करना है।

इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, भूमि संसाधन विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना – वॉटरशेड विकास घटक (PMKSY-WDC 2.0) के तहत 56 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर कुल ₹700 करोड़ का निवेश किया जाएगा और इसे 10 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों—राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, असम, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम में लागू किया जाएगा।

इन परियोजनाओं के तहत पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण, जलग्रहण उपचार, नर्सरी तैयार करना, चारागाहों का विकास, वर्षा जल संचयन, और भूमिहीन किसानों के लिए आजीविका के साधन उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जाएंगे। वॉटरशेड विकास योजना के पहले चरण (WDC-PMKSY 1.0) के मूल्यांकन से पता चला कि इससे भूजल स्तर में बढ़ोतरी, सतही जल उपलब्धता में सुधार, फसलों की उत्पादकता में वृद्धि और किसानों की आमदनी में इजाफा हुआ है।

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वर्ष 2021-22 में, इस योजना के दूसरे चरण (WDC-PMKSY 2.0) के तहत 1150 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जो लगभग 50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हैं और इन पर कुल ₹12,303 करोड़ का निवेश किया गया था। अब इस पहल को आगे बढ़ाते हुए 56 नई परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है, जो 2.8 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करेंगी। प्रत्येक परियोजना औसतन 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली होगी, हालांकि पहाड़ी राज्यों में यह क्षेत्रफल कुछ कम हो सकता है।

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₹700 करोड़ की यह योजना जल संरक्षण को बढ़ावा देने, भूमि सुधार में तेजी लाने और किसानों की आय में बढ़ोतरी करने में मदद करेगी। इसके अलावा, यह परियोजनाएं जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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