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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

घरेलू कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लाइसेंसिंग प्रक्रिया हुई सरल, 40 लाख से अधिक खुदरा विक्रेताओं को मिलेगा लाभ

19 मई 2026, नई दिल्ली: घरेलू कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लाइसेंसिंग प्रक्रिया हुई सरल, 40 लाख से अधिक खुदरा विक्रेताओं को मिलेगा लाभ – कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने घरेलू कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया है। यह सुधार कृषि क्षेत्र में कारोबार सुगमता बढ़ाने और प्रशासन को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा प्रभावी बनाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

इन सुधारों की समीक्षा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में की गई। बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “रिफॉर्म एक्सप्रेस” विजन के तहत मंत्रालय कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों के लिए प्रक्रियाओं को अधिक सरल और तेज बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। 

बैठक के दौरान कृषि सचिव अतिश चंद्र ने जानकारी दी कि घरेलू कीटनाशकों की बिक्री और भंडारण के लाइसेंस के लिए आवेदन पत्र को तीन पन्नों से घटाकर केवल एक पन्ने का कर दिया गया है। इसके अलावा उत्पादों के साथ दिए जाने वाले पारंपरिक भौतिक पर्चों (लीफलेट्स) की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और अब उत्पादों के लेबल पर सीधे QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा। इससे अतिरिक्त कागजी कार्यवाही समाप्त होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनेगी। 

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इस सुधार से देशभर के 40 लाख से अधिक खुदरा विक्रेताओं और किराना दुकानदारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो मच्छर भगाने वाली मैट, कॉइल, लिक्विड वेपोराइजर और कॉकरोच स्प्रे जैसे घरेलू उत्पाद बेचते हैं। 

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बैठक में उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO), 1985 के तहत नए उर्वरकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उपायों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पहले नई उर्वरक श्रेणियों के अनुमोदन के लिए तकनीकी समिति और केंद्रीय उर्वरक समिति दोनों से मंजूरी आवश्यक होती थी, लेकिन अब दोहरी स्वीकृति प्रणाली समाप्त कर दी गई है। अब केवल केंद्रीय उर्वरक समिति को ही अनुमोदन का अधिकार दिया गया है, जिससे अब तक 19 निर्माताओं और आवेदकों को लाभ मिल चुका है। 

कृषि वस्तुओं के आयात को आसान बनाने के लिए सरकार ने प्लांट क्वारंटाइन मैनेजमेंट सिस्टम (PQMS) और इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे (ICEGATE) के बीच देश के सभी 649 कस्टम पोर्ट्स पर डिजिटल एकीकरण भी पूरा कर लिया है। अब आयातकों को केवल ICEGATE के माध्यम से एक ही आवेदन करना होगा और आयात रिलीज ऑर्डर सीधे उनके लॉगिन पर जारी कर दिया जाएगा। 

सरकार ने बीज और रोपण सामग्री के आयात-निर्यात की प्रक्रिया को भी सरल बना दिया है। इसके तहत EXIM समिति को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है तथा “प्रायर रिकमेंडेशन” की अनिवार्यता भी हटा दी गई है, जिससे यह प्रक्रिया अब अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। 

बैठक में “भारत-विस्तार – एआई इन एग्रीकल्चर” प्लेटफॉर्म की भी समीक्षा की गई। फरवरी 2026 में शुरू किए गए इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां एक ही मंच पर उपलब्ध कराना है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 44 लाख से अधिक प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं। 

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